रविवार को भारतीय वायु सेना ने बेंगलुरु के बाहर एक पहाड़ी पर फंसे 19 वर्षीय ट्रेकर को बचाया। वह इस पहाड़ी पर लगभग आठ घंटे से फंसे हुए थे.
बताया जा रहा है कि नई दिल्ली के रहने वाले निशंक कौल बेंगलुरु में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं. वह रविवार सुबह नंदी हिल्स पर ट्रेकिंग के लिए आये थे. लेकिन उन्हें वापस भेज दिया गया क्योंकि नए सरकारी दिशानिर्देश के अनुसार पहाड़ियों पर वाहनों की अनुमति नहीं है.
जिन्होंने पहले से ही अप्रूवल लिया हो, सिर्फ उन्हें ही नंदी हिल्स पर जाने की अनुमति है. इसलिए निशांक ने नंदी हिल्स के पास ‘भ्रामगिरि’ पर ट्रेक करने की ठानी.
ट्रेकिंग के दौरान फिसल कर गिरे:
लेकिन पहाड़ी पर ट्रेकिंग के दौरान उनके साथ दुर्घटना घट गई. दरअसल पहाड़ी पर ट्रेकिंग करते हुए निशांक फिसल कर करीब 200 मीटर नीचे गिर गए. और जिस पहाड़ी पर वह गिरे, वह पहाड़ी खड़ी थी, इसलिए वह वापस नहीं चढ़ सके.
बताया जा रहा है कि पहाड़ी के आसपास पेड़ होने के कारण वह और ज्यादा नीचे नहीं गिरे. लेकिन उन तक पहुंचना आसान नहीं रहा. क्योंकि नंदी हिल्स के पास पांच चोटियां हैं. और इन पर सड़क के रास्ते नहीं जाया जा सकता है. इसलिए दोपहर लगभग 12:30 बजे जब प्रशासन को उनके बारे में जानकारी मिली तो बचाव कर्मचारी ट्रेकिंग करके उन तक पहुंचे.
फोन से भेजी लोकेशन की तस्वीरें:
पुलिस प्रशासन का कहना है कि निशांक ने फोन करके अपने दोस्तों और परिवार को इस घटना के बारे में बताया और उन्होंने अपनी लोकेशन और तस्वीरें भेजीं. जिससे उनकी सही लोकेशन का पता लगाया गया. लेकिन पहाड़ी इतनी खड़ी थी कि 20 फ़ीट से ज्यादा नीचे जा पाना मुश्किल था.
निशांक को बचाने के लिए फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने बचाव के प्रयास किये. लेकिन सभी असफल रहे. ऐसे में, जिला प्रशासन ने भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की मदद लेने का फैसला किया.
भारतीय वायु सेना ने बचाया:
निशांक ने जो लोकेशन भेजी उसके आधार पर वायु सेना के Mi-17 हेलीकॉप्टर ने उनकी खोज शुरू की और उनके मिलने के बाद उन्हें रेस्क्यू किया. रेस्क्यू के बाद उन्हें अस्पताल भेजा गया क्योंकि उन्हें काफी चोटें आई हैं. निशांक इस पहाड़ी पर लगभगत घंटे फंसे रहे और इस बीच उनका फोन भी ऑफ हो गया था.
लेकिन वायु सेना के जवानों ने उन्हें ढूंढकर सही समय पर अस्पताल पहुंचा दिया.