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नदी में बढ़ा पानी तो रुक गया 4 गांवों का रास्ता, बच्चों के नदी पार करने का वीडियो वायरल

यूपी के झांसी में डुडेरी नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है. इससे खदरका गांव में बना करीब 30 साल पुराना रपटा जर्जर हो गया है और पानी में डूब गया है. 4 गांवों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत हो रही है.

Jhansi News
अजय झा
  • झांसी,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:49 PM IST

उत्तर प्रदेश में झांसी के मऊरानीपुर तहसील में बारिश के बाद डुडेरी नदी का जलस्तर बढ़ते ही क्षेत्र के खदरका गांव में बना करीब 30 साल पुराना जर्जर रपटा ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. पानी का बहाव बढ़ने से आवागमन मुश्किल हो गया है और खनूआ, इटायल व बुडाई समेत आसपास के गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है. हालात इतने गंभीर हैं कि स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है. वायरल वीडियो में शिक्षक बच्चों का हाथ पकड़कर उन्हें नदी पार कराते दिखाई दे रहे हैं. यह तस्वीर व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है.

साल 1996 में नदी पर बना था रपटा-
ग्रामीणों का कहना है कि खदरका गांव के पास डुडेरी नदी पर बना यह रपटा वर्ष 1996 में तैयार किया गया था. करीब तीन दशक बीतने के बावजूद इसकी समुचित मरम्मत नहीं हो सकी. लगातार बारिश और नदी के तेज बहाव के कारण रपटे के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. बरसात में नदी का पानी बढ़ते ही ग्रामीणों के लिए इस रास्ते से निकलना बेहद जोखिम भरा हो जाता है.

बच्चों को होती है सबसे ज्यादा दिक्कत-
सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है. रपटा पार करना मुश्किल होने के कारण बच्चे जूनियर हाईस्कूल और इंटर कॉलेज तक समय पर नहीं पहुंच पाते. कई बार पानी अधिक होने पर बच्चों को स्कूल जाने के बजाय घर पर ही रुकना पड़ता है. ग्रामीणों के मुताबिक कुछ शिक्षक बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए खुद नदी के पानी में उतरकर उनका हाथ पकड़ते हैं और उन्हें दूसरी ओर पहुंचाते हैं.

4 गांवों का आवागमन प्रभावित-
ग्रामीण राजाराम राजपूत ने बताया कि रपटा लंबे समय से जर्जर है और बरसात में पानी बढ़ने के साथ चार गांवों का आवागमन प्रभावित हो जाता है. उनका कहना है कि इस रास्ते के अलावा ग्रामीणों के पास आने-जाने का कोई बेहतर वैकल्पिक मार्ग नहीं है. रपटा पार नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और ग्रामीणों को भी जरूरी कामों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है.

ग्रामीणों के अनुसार रपटे की ऊंचाई कम होने के कारण सामान्य बारिश में भी पानी उसके ऊपर से बहने लगता है. पानी का बहाव तेज होने पर इसे पार करना जान जोखिम में डालने जैसा हो जाता है. ग्रामीणों ने रपटा ऊंचा और मजबूत कराने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रार्थना पत्र भी दिया है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है.

रपटे की मरम्मत कराने की मांग-
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का तत्काल निरीक्षण कर जर्जर रपटे की मरम्मत कराई जाए या उसकी जगह ऊंचा और मजबूत पुल बनाया जाए, ताकि बारिश के दौरान गांवों का संपर्क न टूटे और बच्चों को स्कूल जाने के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार न करनी पड़े. फिलहाल वायरल वीडियो में दिखाई दे रही तस्वीरें यह बताने के लिए काफी हैं कि बरसात के दिनों में ग्रामीणों की मुश्किलें कितनी बढ़ जाती हैं.

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