गर्मियों का मौसम अपने साथ जहां तेज धूप और उमस लेकर आता है, वहीं इस मौसम में मिठास की सौगात की मिलती है. यह सौगात एक फल के रूप में मिलती है, जिसे आम के नाम से जाना जाता है. रस से भरपूर, खुशबूदार और स्वाद में लाजवाब यह फल हर उम्र के लोगों की पहली पसंद बन जाता है. इसे फलों का राजा भी कहा जाता है. यह राजा सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि अपनी अलग-अलग पहचान के कारण भी खास है. भारत में आम की इतनी किस्में पाई जाती हैं कि हर क्षेत्र का अपना एक अलग स्वाद और पहचान बन जाती है.
जब तापमान बढ़ता है और शरीर को ठंडक की जरूरत होती है, तब आम एक राहत पहुंचाने के लिए सामने आता है. चाहे ठंडा आमरस हो, कटे हुए आम के टुकड़े या फिर शेक. हर रूप में यह मन को ताजगी देता है. इसकी मिठास और महक गर्मी की थकान को पल भर में दूर कर देती है.
प्रीमियम स्वाद की पहचान है हापुस
महाराष्ट्र का हापुस आम अपनी क्वालिटी और स्वाद के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है. इसका केसरिया रंग, चिकना और बिना रेशे वाला गूदा इसे बेहद खास बनाता है. यही वजह है कि इसकी विदेशों में भी भारी मांग रहती है और इसे एक प्रीमियम किस्म के रूप में देखा जाता है.
परंपरा से जुड़ा स्वाद है दशहरी
उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद क्षेत्र में उगने वाला दशहरी आम अपनी मिठास और नाजुक स्वाद के लिए जाना जाता है. इसकी शुरुआत एक पेड़ से हुई थी, लेकिन आज यह पूरे क्षेत्र की पहचान बन चुका है. इसका हल्का मीठा स्वाद इसे हर किसी की पसंद बना देता है.
रस से भरपूर अनुभव है चौसा
बिहार और उत्तर भारत में पसंद किया जाने वाला चौसा आम अपने गहरे रस और मिठास के लिए मशहूर है. इसे खाने का मजा तभी आता है जब इसका रस हाथों तक बहने लगे. इसका इतिहास भी काफी दिलचस्प है, जो इसे और खास बनाता है.
रंग में अलग और स्वाद में कमाल है लंगड़ा
वाराणसी का लंगड़ा आम पकने के बाद भी हरे रंग का ही रहता है, जो इसे बाकी किस्मों से अलग पहचान देता है. इसका गाढ़ा गूदा और अनोखा स्वाद इसे आम प्रेमियों के बीच बेहद पंसदीदा बनाता है.
खुशबू और स्वाद का मेल है केसर
गुजरात का केसर आम अपनी हल्की केसरिया खुशबू और मीठे स्वाद के लिए जाना जाता है. आमरस बनाने के लिए इसे सबसे बेहतरीन माना जाता है, और इसका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है.