Child New Habits
Child New Habits
हर मां-बाप का सपना होता है कि वह अपने बच्चे को अच्छी परवरिश दें, उनका बच्चा सही वैल्यूस के साथ बड़ा हो और लाइफ में सफल बने. लेकिन जैसे-जैसे बच्चे टीनेज में आते हैं, उनका सोशल दायरा तेजी से बदलने लगता है. वे नए लोगों से मिलते हैं, नए दोस्त बनाते हैं और कई बार अनजाने में ऐसी संगत का हिस्सा बन जाते हैं जो उनके फ्यूचर के लिए ठीक नहीं होती. यही वह टाइम होता है जब माता-पिता को अधिक समझदारी से काम लेने की जरूरत होती है. लेकिन आप अपने बच्चे की कुछ हरकतों से उसकी गलत संगत को पहचान सकते हैं.
व्यवहार में अचानक बदलाव मतलब रेड अलर्ट
अगर आपका बच्चा पहले शांत, खुशमिजाज और बात मानने वाला था, लेकिन अब छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ा हो जाता है, गुस्सा करता है या हर बात पर बहस करने लगता है, तो यह बदलाव नॉर्मल नहीं है. यह इशारा हो सकता है कि वह किसी मानसिक दबाव में है. ऐसे समय में बच्चों का अपने परिवार से दूरी बनाना और अकेले रहना भी एक चिंता का विषय हो सकता है.
भरोसे में दरार को लें सीरियसली
जब बच्चा अपनी लाइफ आफसे छिपाने लगे, स्कूल या ट्यूशन के बाद की एक्टीविटी के बारे में सही जवाब न दे या बार-बार झूठ बोलने लगे, तो यह गंभीर इशारा है. फोन का पासवर्ड छिपाना, आपके आते ही कॉल काट देना या मैसेज छिपाना यह दर्शाता है कि वह कुछ ऐसा कर रहा है जिसे वह आपसे साझा नहीं करना चाहता.
बच्चे की दोस्ती का बदलता दायरा
पुराने और भरोसेमंद दोस्तों से दूरी बनाकर अचानक नए, अनजान दोस्तों के साथ समय बिताना भी एक बड़ा इशारा है. अगर बच्चा अपने नए दोस्तों को घर लाने या माता-पिता से मिलवाने में हिचकिचाता है, तो यह संभव है कि वह खुद भी जानता हो कि उसकी संगत सही नहीं है.
स्कूल से उसकी शिकायत को ले गंभीरता से
पढ़ाई में अचानक गिरावट आना भी एक बड़ा संकेत हो सकता है. क्लास बंक करना, स्कूल से शिकायतें आना और रिजल्ट का खराब होना यह दर्शाता है कि बच्चे का ध्यान पढ़ाई से हटकर कहीं और चला गया है. यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो भविष्य पर गंभीर असर डाल सकती है.
हमेशा पैसों की मांग करते रहना
अगर बच्चा अचानक ज्यादा पैसों की मांग करने लगे या घर से बिना बताए पैसे या सामान गायब होने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह संकेत हो सकता है कि वह गलत आदतों या संगत में पड़ चुका है. ऐसे में बच्चों को डांटने या सख्ती करने के बजाय उनसे खुलकर बातचीत करना, उनका भरोसा जीतना और सही दिशा देना सबसे जरूरी है. यही तरीका उन्हें गलत रास्ते से बचाने में मदद करेगा.