होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि स्वाद और परंपराओं का भी अद्भुत संगम है. उत्तर भारत, खासकर राजस्थान और मालवा क्षेत्र में इस दिन दाल-बाटी बनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. जहां एक ओर गुजिया और ठंडाई की मिठास माहौल में घुलती है, वहीं दाल-बाटी का देसी और सोंधा स्वाद उत्सव को और भी खास बना देता है. अगर आप पारंपरिक तरीके से बाटी बनाने में झिझकते हैं, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ आसान तरीकों से आप घर पर ही वही असली स्वाद पा सकते हैं.
राजस्थान में होली पर दाल-बाटी बनाने के पीछे धार्मिक और व्यावहारिक दोनों कारण जुड़े हैं. लोक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन के बाद नई फसल का अंश अग्नि को अर्पित कर उसका भोग तैयार किया जाता है. प्राचीन समय में बाटी को कंडों या उपलों की आग में सेंका जाता था, जो होलिका दहन की अग्नि से मेल खाता है. आज भी कई स्थानों पर लोग होली की अग्नि में उपले जलाकर उसी पर बाटी सेंकने की परंपरा निभाते हैं.
स्वादिष्ट बाटी के लिए करें आटा तैयार
मारवाड़ी स्टाइल की खस्ता बाटी के लिए 2 कप गेहूं का आटा और 1/4 कप सूजी लें. अगर आटा मोटा पिसा हुआ है, तो सूजी मिलाने की आवश्यकता नहीं होगी. इसमें आधा चम्मच नमक, आधा चम्मच दरदरा धनिया, आधा चम्मच अजवाइन, एक चुटकी मीठा सोडा और लगभग 1/4 कप घी डालें. अब घी को आटे में अच्छी तरह मसलें, जब तक मुट्ठी बांधने पर आटा बंधा हुआ न दिखे.
गुनगुने पानी की मदद से सख्त आटा गूंथें. पानी धीरे-धीरे मिलाएं ताकि आटा ज्यादा ढीला न हो. इसे ढककर 10 मिनट के लिए रख दें. इसके बाद आटे को दोबारा मसलकर चिकना करें. छोटी-छोटी लोइयां बनाकर गोल आकार दें और बीच में हल्का दबाव बना दें, जिससे बाटी अंदर तक समान रूप से सिक सके.
अप्पे मेकर में आसान और झटपट बाटी
अगर आप पारंपरिक तरीके की बजाय जल्दी बाटी बनाना चाहते हैं, तो अप्पे मेकर एक बेहतरीन विकल्प है. सबसे पहले इसके खांचों में घी लगाकर ग्रीस करें. तैयार लोइयों को उसमें रखें और ऊपर से भी थोड़ा घी लगा दें. ढक्कन बंद कर धीमी आंच पर पकाएं. बीच-बीच में पलटते रहें ताकि बाटी दोनों तरफ से सुनहरी और कुरकुरी बन जाए.
घी में डूबी गरमागरम बाटी का असली आनंद
जब बाटी पर हल्की दरारें दिखने लगें और वह अच्छी तरह सिक जाए, तो उन्हें तुरंत गरम घी में डुबो दें. बाटी जितना ज्यादा घी सोखेगी, उसका स्वाद उतना ही लाजवाब होगा. इसे पारंपरिक पंचमेल दाल, भुने हुए बैंगन का भरता या तीखी लहसुन की चटनी के साथ परोसें.