देश के कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई में रुकावट की खबरों के बीच कई घरों में रोजाना खाना बनाने को लेकर चिंता बढ़ गई है. भारतीय रसोई में एलपीजी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ईंधन है, लेकिन अगर कुछ समय के लिए इसकी कमी हो जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है. आज के समय में कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं जिनकी मदद से घरों में आसानी से खाना बनाया जा सकता है. इलेक्ट्रिक उपकरणों से लेकर पारंपरिक तरीकों तक, ये विकल्प अस्थायी रूप से एलपीजी की कमी के दौरान काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं.
इंडक्शन कुकटॉप
एलपीजी का सबसे लोकप्रिय विकल्प इंडक्शन कुकटॉप माना जाता है. यह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तकनीक के जरिए सीधे बर्तन को गर्म करता है, जिससे खाना जल्दी बनता है और बिजली की खपत भी कम होती है. इंडक्शन पर रोजमर्रा के कई व्यंजन आसानी से बनाए जा सकते हैं, जैसे चावल, दाल, सब्जी, ऑमलेट और पैनकेक आदि. हालांकि, इसके लिए खास इंडक्शन-फ्रेंडली बर्तनों की जरूरत होती है.
इलेक्ट्रिक हॉट प्लेट
इलेक्ट्रिक हॉट प्लेट भी गैस स्टोव का एक आसान विकल्प है. यह बिजली से गर्म होती है और उपयोग करने में काफी सरल होती है. इस पर पानी उबालना, नूडल्स बनाना, चाय तैयार करना या सब्जी और करी गर्म करना जैसे कई छोटे-छोटे काम आसानी से किए जा सकते हैं. एलपीजी की अस्थायी कमी के दौरान यह काफी मददगार साबित हो सकती है.
माइक्रोवेव ओवन
माइक्रोवेव ओवन को अक्सर बचा हुआ खाना गर्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इससे कई तरह के व्यंजन भी बनाए जा सकते हैं. माइक्रोवेव में स्टीम्ड सब्जियां, बेक्ड आलू, ओट्स और कई तरह के क्विक मील तैयार किए जा सकते हैं. जो परिवार जल्दी और आसान तरीके से खाना बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक सुविधाजनक विकल्प है.
इलेक्ट्रिक राइस कुकर
एलपीजी की कमी के समय इलेक्ट्रिक राइस कुकर भी काफी उपयोगी साबित हो सकता है. नाम भले ही राइस कुकर हो, लेकिन इसमें सिर्फ चावल ही नहीं बल्कि खिचड़ी, सूप, नूडल्स और स्टीम्ड सब्जियां भी बनाई जा सकती हैं. इसे इस्तेमाल करना बेहद आसान होता है और इसमें ज्यादा निगरानी की जरूरत भी नहीं पड़ती.
सोलर कुकर
सोलर कुकर सूर्य की रोशनी से चलने वाला पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है. जिन इलाकों में धूप अच्छी रहती है, वहां इसका उपयोग किया जा सकता है. हालांकि इसमें खाना पकने में गैस या बिजली की तुलना में ज्यादा समय लगता है, लेकिन चावल, दाल और धीमी आंच पर पकने वाले व्यंजन आराम से बनाए जा सकते हैं.
चूल्हा
कुछ ग्रामीण या अर्ध-शहरी इलाकों में आज भी लकड़ी या कोयले से चलने वाले पारंपरिक चूल्हों का इस्तेमाल किया जाता है. एलपीजी की सप्लाई बाधित होने की स्थिति में ये अस्थायी विकल्प के रूप में काम आ सकते हैं. हालांकि ऐसे चूल्हों का उपयोग करते समय अच्छी वेंटिलेशन और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी होता है.
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