आम का अचार खाने की थाली में हो, तो सादे खाने का स्वाद भी बढ़ जाता है. यही वजह है कि कई घरों में सालभर के लिए आम का अचार बनाया जाता है. लेकिन कई बार अचार के जार को खोलने पर उसके ऊपर सफेद, हरी या काली परत दिखाई देने लगती है. ऐसे में कुछ लोग ऊपर की परत हटाकर बाकी अचार खाने लगते हैं.
अचार में क्यों लगती है फफूंदी?
आम के अचार में फफूंदी लगने की सबसे बड़ी वजह नमी है. अगर आम के टुकड़ों में पानी रह जाए या अचार निकालने के लिए गीले चम्मच का इस्तेमाल किया जाए, तो अचार जल्दी खराब हो सकता है. इसके अलावा, जब अचार के टुकड़े तेल में पूरी तरह नहीं डूबे होते, तो हवा के संपर्क में आने से उन पर फफूंदी लगने का खतरा बढ़ जाता है. नमक और तेल की मात्रा कम होना भी इसकी एक वजह हो सकती है.
फफूंदी वाला अचार खाना कितना सही?
अगर अचार पर सफेद, हरी या काली फफूंदी दिखाई दे, तो सिर्फ ऊपर की परत हटाकर बाकी अचार न खाएं. फफूंदी के साथ कुछ हानिकारक तत्व भी अचार में फैल सकते हैं, जो दिखाई नहीं देते. ऊपर से तेल डालने, धूप में रखने या अचार को चखकर देखने से भी वह सुरक्षित नहीं हो जाता. इसलिए ऐसे अचार को फेंक देना ही सबसे सुरक्षित तरीका है. इसके बाद जार को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखाएं.
इन तरीकों से लंबे समय तक सुरक्षित रहेगा अचार
अचार को फफूंदी से बचाने के लिए आम के टुकड़ों को धोने के बाद अच्छी तरह सुखाएं. हमेशा साफ और सूखे कांच या चीनी मिट्टी के जार का इस्तेमाल करें. अचार निकालने के लिए सूखा चम्मच लें और इस्तेमाल के बाद ढक्कन अच्छी तरह बंद कर दें. ध्यान रखें कि अचार के टुकड़े तेल में पूरी तरह डूबे रहें. साथ ही, नमक और तेल की सही मात्रा रखें और जार को नमी वाली जगह पर रखने से बचें. इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर अचार को जल्दी खराब होने से बचाया जा सकता है.
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