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भरतपुर रेलवे स्टेशन पर चमत्कार! ट्रेन से उतरते ही महिला ने दिया बच्चे को जन्म, RPF ने दिखाई मानवता!

इस दौरान रात में गश्त कर रहे RPF के जवान उनकी हालत देखकर तुरंत हरकत में आए. थाना प्रभारी प्रदीप तिवारी के नेतृत्व में जवानों ने प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य महिला यात्रियों से मदद मांगी. कुछ महिलाओं ने आगे बढ़कर सहयोग किया. जवानों ने चादर से पर्दा बनाकर निजता सुनिश्चित की और डिलीवरी की प्रक्रिया शुरू हुई.

भरतपुर रेलवे डिलीवरी
gnttv.com
  • भरतपुर,
  • 17 जून 2025,
  • अपडेटेड 2:33 PM IST

राजस्थान के भरतपुर रेलवे स्टेशन पर एक ऐसी घटना घटी, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया. सियालदाह एक्सप्रेस से प्रयागराज से अपनी मां के घर हेलक जा रही एक महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. ट्रेन से उतरते ही प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर वह दर्द से कराहने लगी. लेकिन इस मुश्किल घड़ी में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के जवानों और वहां मौजूद महिला यात्रियों ने मानवता की मिसाल पेश की.

उन्होंने तुरंत चादर से पर्दा बनाया और महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई. इसके बाद मां और बच्चे को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं. 

क्या हुआ था उस रात?
सोमवार देर रात करीब 3 बजे की बात है. सलगम कौर, जो प्रयागराज में अपनी ससुराल से अपने पीहर हेलक जा रही थीं, सियालदाह एक्सप्रेस से भरतपुर रेलवे स्टेशन पहुंचीं. वह यहां से जयपुर जाने वाली ट्रेन पकड़कर हेलक स्टेशन तक जाना चाहती थीं. लेकिन जैसे ही वह ट्रेन से उतरीं, अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. दर्द इतना तेज था कि वह प्लेटफॉर्म पर ही लेट गईं और तड़पने लगीं.

इस दौरान रात में गश्त कर रहे RPF के जवान उनकी हालत देखकर तुरंत हरकत में आए. थाना प्रभारी प्रदीप तिवारी के नेतृत्व में जवानों ने प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य महिला यात्रियों से मदद मांगी. कुछ महिलाओं ने आगे बढ़कर सहयोग किया. जवानों ने चादर से पर्दा बनाकर निजता सुनिश्चित की और डिलीवरी की प्रक्रिया शुरू हुई. कुछ ही देर में सलगम कौर ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. इसके बाद RPF ने तुरंत उन्हें और नवजात को जनाना अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

RPF प्रभारी ने क्या कहा?
भरतपुर RPF थाना प्रभारी प्रदीप तिवारी ने बताया, "एक महिला यात्री प्रयागराज से सियालदाह एक्सप्रेस से भरतपुर पहुंची थी. वह जयपुर जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रही थी, ताकि हेलक स्टेशन जा सके. लेकिन अचानक उनकी प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. हमारे जवान रात में गश्त पर थे. हमने तुरंत अन्य महिला यात्रियों की मदद से डिलीवरी कराई और फिर मां-बच्चे को अस्पताल पहुंचाया."

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना उनकी जिम्मेदारी है, और वह खुश हैं कि मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं.

भरतपुर जंक्शन (BTE) राजस्थान का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है, जो वेस्ट सेंट्रल रेलवे जोन के अंतर्गत आता है. यह स्टेशन 5 प्लेटफॉर्म के साथ रोजाना 221 ट्रेनों को हैंडल करता है. यह न केवल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आपात स्थिति में RPF की तत्परता इसे और खास बनाती है.

(सुरेश कुमार की रिपोर्ट)
 

 

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