Advertisement

मानसून में गेहूं, चावल और दाल में नहीं लगेंगे कीड़े, स्टोर करते समय अपनाएं ये आसान घरेलू तरीके

मानसून में नमी के कारण राशन में कीड़े और चींटियां लग सकती हैं. तोे चलिए आपको बताते हैं गेहूं, चावल, चीनी, आटा और दाल स्टोर करने के आसान उपाय.

Monsoon Kitchen storage Tips
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 08 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:44 PM IST

बारिश के मौसम में रसोई में रखे अनाज, आटा, चीनी और दालों में नमी के कारण कीड़े लगने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बरतकर आप लंबे समय तक राशन को सुरक्षित रख सकते हैं. तो चलिए आपको बताते हैं गेहूं, चावल, चीनी, आटा और दालों को स्टोर करने के आसान घरेलू तरीके.

गेहूं में डालें नीम की पत्तियां
गेहूं को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सूखी नीम की पत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है. गेहूं को ड्रम में भरने से पहले नीचे नीम की सूखी पत्तियां बिछा दें. इसके बाद गेहूं की करीब 15 से 16 इंच मोटी परत रखें और फिर उसके ऊपर थोड़ी नीम की पत्तियां डालें. इसी तरह गेहूं और नीम की परत बनाते हुए पूरा ड्रम भर सकते हैं. इसके अलावा कुछ लोग गेहूं में माचिस की तीलियां रखने का घरेलू तरीका भी अपनाते हैं.

चावल को नमी और कीड़ों से बचाएं
मानसून में चावल को स्टोर करते समय इसमें तेजपत्ता या साबुत हल्दी रख सकते हैं. माना जाता है कि इनकी खुशबू कीड़ों को दूर रखने में मदद करती है. चावल को हमेशा सूखे और एयरटाइट कंटेनर में रखना बेहतर होता है, ताकि नमी अंदर न पहुंचे.

चीनी में नहीं लगेंगी चींटियां
बारिश में चीनी में चींटियां लगने की समस्या बढ़ जाती है. इसका एक कारण नमी भी हो सकती है. इसलिए चीनी को हमेशा एयरटाइट डिब्बे में रखें. इसमें कुछ लौंग या दालचीनी डालकर रखने का घरेलू तरीका भी अपनाया जाता है.

आटे में घुन से बचने का तरीका
आटा, मैदा और बेसन को कीड़ों से बचाने के लिए सूखी लाल मिर्च रख सकते हैं. उदाहरण के लिए 10 किलो आटे में करीब 20 से 25 सूखी लाल मिर्च डालकर रखने का तरीका बताया जाता है. कुछ लोग इसमें साबुत नमक भी रखते हैं.

दालों को ऐसे करें स्टोर
मानसून में दालों को सुरक्षित रखने के लिए एक छोटा चम्मच सरसों का तेल डालकर दालों में अच्छी तरह मिला सकते हैं. इसके बाद दाल को साफ और सूखे कंटेनर में रखें. डिब्बे में सूखी लाल मिर्च और कुछ लौंग रखने का तरीका भी अपनाया जाता है. हालांकि तेल या मसाले मिलाने के बाद दाल की गंध और स्वाद में बदलाव आ सकता है, इसलिए कम मात्रा में पहले आजमाना बेहतर है.

ये भी पढ़ें: 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement