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Sonam Wangchuk: कौन हैं सोनम वांगचुक, जिसने 3 इडियट्स फिल्म को प्रेरित किया और लद्दाख की कड़ाके की ठंड में क्यों कर रहे हैं विरोध ?

सोनम वांगचुक दुख जताते हुए कहते हैं कि आज के इस लद्दाख से बेहतर तो हम कश्मीर में थे लेकिन हमें उम्मीद है कि कल का लद्दाख सुनहरा होगा. वह माइनस 20 डिग्री में आंदोलन कर रहे हैं.

Sonam Wangchuk (Photo Twitter)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 12:38 AM IST
  • आज के इस लद्दाख से बेहतर तो हम कश्मीर में थे 
  • लद्दाख में सिर्फ एलजी की मनमानी चल रही है 

लद्दाख में राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है. लद्दाख प्रशासन ने प्रसिद्ध इनोवेटर सोनम वांगचुक के आंदोलन को प्रतिबंधित कर दिया है. इसके साथ ही उन्हें हाउस अरेस्ट भी किया गया है. ये जानकारी खुद वांगचुक ने दी है. सोनम वांगचुक पर बनी 2009 की बॉलीवुड फिल्म थ्री इडियट्स बहुत लोकप्रिय हुई थी. सोनम वांगचुक दुख जताते हुए कहते हैं कि आज के इस लद्दाख से बेहतर तो हम कश्मीर में थे लेकिन हमें उम्मीद है कि कल का लद्दाख सुनहरा होगा.

घर में नजरबंद करने का लगाए आरोप
सोनम वांगचुक लद्दाख में 26 जनवरी से पांच दिवसीय जलवायु उपवास पर हैं. उन्होंने पहले कहा था कि वह खारदुंगला दर्रे पर पांच दिवसीय जलवायु उपवास पर बैठेंगे जो कि 18,000 फीट है जहां तापमान -40 डिग्री सेल्सियस है. उन्होंने आगे बताया कि भारी बर्फबारी के कारण खारदुंगला जाने वाली सड़कें बंद हैं, इसलिए वह एचआईएएल से अनशन पर हैं. हालांकि, बाद में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह घर में नजरबंद हैं और यूटी प्रशासन ने उनके अनशन को हेल कैंपस तक सीमित कर दिया है और खारदुंग ला टॉप के लिए मेरी जान को खतरा आदि बताते हुए अनुमति नहीं दी है. उन्होंने दावा किया कि प्रशासन को मेरी सुरक्षा की कोई परवाह नहीं बल्कि वो मेरी आवाज दबाना चाहते हैं.

लद्दाख अंधेर नगरी हो गई है
सोनम संविधान की छठी अनुसूची और क्षेत्र के लिए अन्य सुरक्षा उपायों की मांग को लेकर अनशन पर हैं, इसके अलावा लोगों से जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए अपनी कार्बन गहन जीवन शैली को बदलने का आग्रह कर रहे हैं. इतना ही नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि लद्दाख अंधेर नगरी हो गई है. सोनम ने डर जाहिर किया कि जो हालात हैं, उससे आने वाले समय में लेह-लद्दाख के लोग आतंक की राह पकड़ सकते हैं.

अपना दर्द बयां किया
सोनम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री खुद क्षेत्र के लिए भूमि, पारिस्थितिकी, संस्कृति और रोजगार की रक्षा के लिए उनकी मांगों पर चर्चा करने के लिए तुरंत लद्दाख भर के नेताओं को एक बैठक के लिए बुलाएं. सोनम को हाउस अरेस्ट कर दिया गया है और सोनम के पास अब सोशल मीडिया के अलावा और कोई भी साधन नहीं था जिससे वो अपनी आवाज उठा सकें, इसी कारण सोनम ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर अपना दर्द बयां किया है. सोनम ने लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर पर बड़े आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने को लेकर उन्हें नजरबंद कर दिया गया है. वीडियो में वो आरोप लगा रहे हैं कि लद्दाख में सिर्फ एलजी की मनमानी चल रही है और पिछले तीन साल से कोई काम नहीं हो रहा है.

एक अधिकारी ने मुझे कागज थमा दिया
सोनम ने दावा किया कि आज जब मैंने इस अवैध हाउस अरेस्ट और प्रशासन की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाई तो एक अधिकारी ने मुझे कागज थमा दिया. मुझसे एग्रीमेंट पर साइन करने को कहा है जिससे मैं कुछ ना बोल सकूं. अगर मैंने साइन नहीं किया तो वो कहते हैं कि मेरा डिटेंशन हो सकता है. हमारे स्कूल के तीन युवा शिक्षकों को थाने ले जाया गया है ताकि उनको बचाने के लिए मैं इस पर साइन करूं.

कौन हैं सोनम वांगचुक?
1966 में जन्मे सोनम वांगचुक एक मैकेनिकल इंजीनियर और हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) के निदेशक हैं. उन्हें वर्ष 2018 में मैगसेसे पुरस्कार मिल चुका है. वांगचुक के व्यक्तित्व ने 2009 की फिल्म '3 इडियट्स' में आमिर खान द्वारा निबंधित फुनसुख वांगडू के काल्पनिक चरित्र को प्रेरित किया. लद्दाख स्थित इंजीनियर अपने अभिनव स्कूल, स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ़ लद्दाख (SECMOL) की स्थापना के लिए जाने जाते हैं, जिसका परिसर सौर ऊर्जा पर चलता है और खाना पकाने, रोशनी या हीटिंग के लिए जीवाश्म ईंधन का उपयोग नहीं करता है. उन्होंने 1988 में लद्दाखी बच्चों और युवाओं का समर्थन करने और उन छात्रों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से SECMOL की स्थापना की, जिन्हें सिस्टम असफल करार देता है. 1994 में, वांगचुक ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में सुधार लाने के लिए ऑपरेशन न्यू होप लॉन्च किया.


 

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