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Ankur Warikoo: डॉक्टर ने प्रेस्क्रिप्शन के पर्चे पर लिखा 'स्टॉप वॉकिंग', लेकिन अंकुर ने पूरी की 21 किलोमीटर की मैराथन... जानिए क्या है पूरा मामला

अंकुर वारिकू ने शेयर की इंस्टाग्राम पर अपनी कहानी. बताया कि किस तरह लड़े अपनी मेडिकल कंडीशन से. कर दिया कि असंभव कुछ भी नहीं.

gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 03 जून 2025,
  • अपडेटेड 11:01 AM IST

हाल ही में कंटेंट क्रीएटर अंकुर वारिकू ने अपनी पर्सनल लाइफ को एक इंस्टाग्राम पोस्ट में शेयर में. उन्होंने इस पोस्ट में अपनी उस मेडिकल सक्सेस स्टोरी के बारे में बताया, जो बिलकुल एक जंग से कम नहीं. अंकुर वारिकू ने पोस्ट में बताया कि किस तरह उन्होंने मेडिकल कंडीशन पर जीत हासिल की, साथ ही डॉक्टर की दी सलाह को भी नहीं माना. चालिए बताते हैं इस अनोखी कहानी के बारे में.

अंकुर वारिकू की लाइफ
दरअसल वह केवल एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो लोगों को वीत्तीय, जीत-हार और ना जाने किन-किन टॉपिक्स पर ज्ञान देते हैं. वह एक तरह से पब्लिक फिगर है. और किसी भी पब्लिक फिगर के लिए जरूरी होता है कि वह जिन बातों को अपनी ऑडिएंस को बता रहा है, वह खुद भी उसपर अमल करे. 

दरअसल इस पोस्ट में उन्होंने इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने उनके प्रेसक्रिप्शन में उन्हें जीवन में ना चलने के लिए कहा था. लेकिन उन्होंने इस बात को परे करते हुए एक मैराथन में भाग लिया और पूरा भी किया.

क्या हुआ था अंकुर वारिकू को
असल में 2012 में उन्हें पता चला कि वह Avascular Necrosis के शिकार है. इस बीमारी को Osteonecrosis के नाम से भी जाना जाता है. इस बीमारी में बोन टिशू मर जाता है, क्योंकि उस तक पर्याप्त मात्रा में खून नहीं पहुंच पाता है.

खून के ना होने के कारण बोन सेल अपना न्यूट्रीशन खोते रहते हैं. जिसके बाद हड्डी काफी कमजोर हो जाती है. यह बीमारी दरअसल लंबी हड्डियों को अपना शिकार बनाती है. जैसे हिप बोन, शोल्डर बोन, गट्टा और अन्य ज्वाइंट. 

क्या लिखते है अंकुर
अंकुर बताते हैं कि जब उन्हें इस बीमारी का पता लगा तो डॉक्टर में पर्चे में साफ लफ्जों में लिख दिया था, स्टॉप वॉकिंग. जिसके बाद उन्होंने अपनी सर्जरी करवाई, 3 महीने का बेड रेस्ट किया, 5 महीने तक मेडिकल उपकरण की मदद ली. लेकिन डॉक्टर की बात याद थी. स्टाप वॉकिंग. पर वह खुद को इस बात के लिए राज़ी नहीं कर पा रहे थे. 

ले लिया ऐसा फैसला जिसने हिला डाला
अंकुर इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे थे कि वह किस प्रकार पूरी ज़िंदगी बिना चले गुज़ारेंगे. इसके बाद उन्होंने कुछ हटकर करने की सोची. उन्होंने फैसला किया कि वह एक मैराथन दौड़ेंगे. जिसके लिए उन्होंने करीब 10 महीने तैयारी की और मैराथन पूरी कर ली. उन्होंने अपनी तैयारी 14 किलोमीटर की करी थी. लेकिन मैराथन में वह 21 किलोमीटर दौड़े.

आज अंकुर 44 साल के हैं, और फिटनेस लेवल इतना है कि उनके 6 पैक एब्स दिखते हैं. यह भी उन्होंने अपनी फैट लॉस जर्नी के दौरान अचीव किया. यह एक उदहारण है कि इंसान चाहे तो असंभव को भी संभव बना सकता है.

 

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