भारतीय विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट को लेकर बयान के बाद काफी बहस छिड़ी हुई है. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का कोई प्रमाण नहीं है, बल्कि वह एक इंटरनेशनल ट्रैवल के लिए डॉक्यूमेंट है. लेकिन अगर आप उसे केवल इंटरनेशनल ट्रैवल डॉक्यूमेंट के तौर पर भी मान रहे हैं, तो जरूरी है कि आप उसे सेफ्टी के साथ रखें. अगर उसमें कुछ भी गड़बड़ हो जाती है तो आपका ट्रैवल मुश्किल हो जाएगा.
कई ऐसे देश हैं, जो पासपोर्ट को लेकर काफी सख्त नियम रखते हैं. सुनने में यह नियम बहुत बहुत छोटी सी बात लग सकती है, लेकिन बाहरी कंट्री के लिए बड़ी बात है. तो चलिए आपको बताते हैं उन कुछ नियम के बारे में.
अगर आपका पासपोर्ट हल्का सा भी कटा-फटा है, जो दिखने में कोई बहुत बड़ी बात न लगे. लेकिन यूके-यूएस जैसे देश आपको फ्लाइट पर चढ़ने नहीं देंगे.
अगर आप थाइलैंड, इंडोनेशिया या यूएई केवल 2 दिन के लिए भी जा रहे हैं. तो आपके पासपोर्ट पर कम से कम 6 महीने की वैलिडिटी होना जरूरी है.
साउथ अफ्रीका जैसे जेश पासपोर्ट में लगातार दो खाली पेज मांगते हैं. इन पेज का इस्तेमाल वीजा के लिए होता है. अगर आपका पासपोर्ट इस जरूरत को पूरा नहीं करता, तो देश में एंट्री नहीं मिलेगी.
16 साल के कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट में उनकी फोटो हर 5 साल में एक्सपायर हो जाती है. इसलिए बेहतर है कि बच्चे को ट्रिप पर ले जाते समय इस रूल के बारे में जरूर ध्यान रखें.
अगर आप दो देश के नागरिक हैं, तो दो पासपोर्ट होंगे. ऐसे में आप जिस देश से रवाना या एंटर कर रहे हैं, वहां का पासपोर्ट इस्तेमाल करें. जैसे आप भारत में कनाडा का पासपोर्ट लेकर नहीं एंटर कर सकते.
अगर आपका खोया हुआ पासपोर्ट मिल गया है, तो आप उसके जरिए ट्रैवल नहीं कर सकेंगे, अगर आपने उसकी रिपोर्ट की थी तो. रिपोर्ट करने के बाद पुराना पासपोर्ट कैंसल होता है, जिसके बाद नया मिलता है.