बिरयानी का नाम सुनते ही स्वाद और खुशबू की ऐसी तस्वीर सामने आती है कि मुंह में पानी आ जाए, लेकिन सच तो यह है कि लाजवाब बिरयानी बनाना एक कला है. अगर चावल चिपचिपे रह जाएं या उनमें स्वाद न आए, तो पूरी मेहनत बेकार हो सकती है. इसलिए जरूरी है कि हर स्टेप सही तरीके से किया जाए, ताकि घर पर बनी बिरयानी भी रेस्टोरेंट जैसी शानदार बने.
बिरयानी की नींव उसके चावल से शुरू होती है. हमेशा लंबे दाने वाले बासमती या सेला चावल का चयन करें. पुराने चावल ज्यादा बेहतर माने जाते हैं क्योंकि पकने के बाद वे कम चिपकते हैं और दाने अलग-अलग रहते हैं. पकाने से पहले चावल को कम से कम 30 मिनट तक भिगोना बेहद जरूरी है. इससे दाने पानी सोख लेते हैं और उबालने पर खूबसूरती से खिलते हैं.
उबालते समय स्वाद और खुशबू का संतुलन
चावल उबालते समय पानी में नमक जरूर डालें. पानी हल्का नमकीन होना चाहिए ताकि स्वाद चावलों के अंदर तक पहुंचे. साथ ही दालचीनी, तेजपत्ता, लौंग और इलायची जैसे साबुत मसाले डालने से चावल में हल्की और आकर्षक खुशबू आती है. एक खास उपाय यह है कि उबलते पानी में एक चम्मच नींबू का रस या थोड़ा सा सिरका मिला दें. इससे चावल चिपकते नहीं हैं और उनका रंग भी साफ व चमकदार बना रहता है.
70-80 फीसद पकाना है सही तरीका
बिरयानी के लिए चावल को पूरी तरह नहीं पकाया जाता. इन्हें केवल 70 से 80 प्रतिशत तक ही उबालना चाहिए. जब चावल में हल्की 'कनी' रह जाए, तब गैस बंद कर दें. तुरंत छानकर चावल फैला दें ताकि भाप निकल जाए और वे ओवरकुक न हों.
कुछ जरूरी छोटी-छोटी सावधानियां
चावल उबालते समय बर्तन में भीड़ न करें. हमेशा बड़े बर्तन का इस्तेमाल करें ताकि चावल को फैलने की जगह मिले. बिरयानी बनाते समय चावल को बार-बार न चलाएं, इससे दाने टूट सकते हैं. साथ ही अच्छी क्वालिटी का घी या तेल इस्तेमाल करने से स्वाद और खुशबू दोनों में फर्क साफ दिखाई देता है.
इन आसान लेकिन असरदार टिप्स को अपनाकर आप घर पर ही ऐसी बिरयानी तैयार कर सकते हैं, जिसमें हर दाना अलग, खुशबूदार और स्वाद से भरपूर हो. अब न चावल चिपकेंगे और न ही स्वाद फीका रहेगा.