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Samastipur News: बैलगाड़ी पर निकली बारात, देसी थीम वाली शादी ने लोगों को याद करा दी प्राचीन सभ्यता 

Bullock Cart Wedding: आज जहां शादी में महंगी-महंगी गाड़ियों पर सवार होकर बाराती जाते हैं, वहीं समस्तीपुर में बैलगाड़ी पर बारात निकली. इस बारात को देखने के लिए लोग उमड़ पड़े. इस नजारे को सभी लोग अपने मोबाइल में कैद करते दिखे. 

Bullock Cart Wedding
जहांगीर आलम
  • समस्तीपुर ,
  • 26 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:48 AM IST

समस्तीपुर शहर के सड़क पर बुधवार को कुछ अजीब ही नजारा दिखा. न लग्जरी गाड़ियों की कतार न डीजे की धुन और न ही चकाचौंध, यदि कुछ दिखाई पड़ रहा था तो वह बैलों की सधी हुई चाल. बैलगाड़ियों की मद्धिम चरमराहट के साथ लोक गीतों की तान व सहनाई की धुन यह देख लोग इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद करने लगे. आखिर ऐसा लोग करें भी क्यों न क्योंकि प्राचीन काल में दिखने वाली बैलगाड़ी पर इस आधुनिक युग में बारात जो निकली थी. 

हर तरफ इस बारात की चर्चा
इस देसी थीम वाली बैलगाड़ी पर निकली बारात की हर ओर चर्चा हो रही है. बता दें कि शहर के मगरदही घाट निवासी प्रदीप सेठ के पुत्र आलोक की शादी 25 फरवरी को रोसड़ा की रहने वाली लड़की से तय हुई थी. इस बीच इस परिजनों ने शादी को Eco Friendly के साथ प्राचीन सभ्यता को अपनाते हुए करने का निर्णय लिया. फिर क्या था 35 बैलगाड़ियों का इंतजाम किया गया. उन्हें सजाया गया. बैलगाड़ी पर ही लोकगीत बजाने की व्यवस्था भी की गई. 

बैलगाड़ियों पर शाही अंदाज में बैठे थे बाराती
दूल्हे के लिए घोड़े को भी सजाया गया. ठीक जैसे ही शाम ढली बाराती बैलगाड़ियों पर शाही अंदाज में बैठ गए, वहीं दूल्हा घोड़े पर सवार होकर शादी करने के लिए निकल पड़ा. दूल्हे के साथ लोग डांस कर रहे थे तो बैलगाड़ी पर लगे सोफे और गद्दे पर बैठकर इस अनोखे शादी का लुफ्त उठा रहे थे. जब बारात बाजार समिति स्थित गजराज पैलेस पहुंची, तब हर किसी के जुबान पर इस प्राचीन काल वाली शादी की चर्चा शुरू हो गई थी. लोग खुद को पुराने जमाने में चले जाने जैसा महसूस कर रहे थे. 

...तो इसलिए बैलगाड़ी पर बारात ले जाने का किया फैसला
इस देसी थीम को तैयार करने वाले महेंद्र प्रधान ने बताया कि मैं पशु प्रेमी हूं. सोनपुर मेला में बराबर कार्यक्रम करते रहता हूं. उन्होंने बताया कि यह अनोखी बारात स्वर्ग होटल से गजराज पैलेस तक गई. मेरे मन में ख्याल आया कि आज के समय में बड़े-बड़े गाड़ी से बाराती जाते हैं. लोग प्राचीन काल में बैलगाड़ी से कैसे बारात जाते थे, आज की युवा पीढ़ी नहीं देखी होगी. इसी को देखते हुए उस चीज को पुनः जीवित करते हुए बैलगाड़ी से बारात लेकर जाने का फैसला किया. लोगों को यह संदेश देना है की प्रदूषण मुक्त यह बारात है. प्राचीन काल को भी जीवित कर रहे हैं. गाड़ी से जब बारात निकलेगी तो पेट्रोल और डीजल जलेगा, उसका धुआं निकलेगा तो प्रदूषण होगा. लेकिन इस बैलगाड़ी वाली बारात से कोई प्रदूषण नहीं होगा. करोड़ों के गाड़ी से लड़का शादी करने के लिए निकलता है. बाराती महंगी गाड़ियों पर जाते हैं. इसके बावजूद लोग इस बारात की तरफ झांकते तक नहीं है. बारात बैलगाड़ी से निकली तो उसे देखने के लिए काफी लोग जुटे. मोबाइल में कैद किया. 35 बैलगाड़ी पर बारात निकली, जिसमें 70 बैल लगे थे. अब इस बैलगाड़ी वाली बारात की चर्चा खूब हो रही है.


 

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