आज के समय में गाड़ी खरीदने का फैसला करते समय कई लोग ई-वेहीकल यानी इलेक्ट्रॉनिक कार खरीदने की सोचते है. इस तरह की कारों के सेगमेंट काफी तेज़ी के साथ बढ़ रहा है. साथ ही इनमें कई तरह के फीचर्स देखने को मिलते हैं. लेकिन ई-कार खरीदने से पहले आपको कई फैक्टर है जिनपर विचार कर लेना चाहिए. ई-कार के जहां कुछ फायदे होते हैं, तो कुछ ऐसे फैक्टर भी होते हैं जिनका नुकसान भी हो सकता है. तो चलिए बात करते हैं ई-कार से जुड़े फायदों और नुकसान के बारें में.
जहां देश में पेट्रोल के दाम बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में ई-कार काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. आजकल आ रही कई ई-कार एक फुल चार्ज में 200 किमी से ज्यादा चलने का दावा करती है.
आमतौर पर पेट्रोल-डीजल वाली कार में ज्यादा सर्विस की जरूरत होती है. कई बार उसमें कई जगह से फ्यूल लीकेज होती है, जिसके चलते कार की परफॉर्मेंस पर काफी अंतर पड़ता है. लेकिन ई-कार बिजली से चलती है इसलिए इनमें किसी भी प्रकार के फ्लूड लीकेज की दिक्कत नहीं होती.
ई-कार पर्यावरण के लिए कई मायनों में फायदेमंद हैं. सबसे पहले तो यह पॉल्यूशन नहीं फैलातीं. यानी किसी प्रकार का कार्बन नहीं निकलता है, जिससे पर्यावरण साफ-सुथरा रहता है. साथ ही यह चलते समय भी यह किसी प्रकार का नॉइस पॉल्यूशन नहीं करती है.
अगर आप इनको लेकर कोई लॉन्ग ट्रिप पर जाना चाहते हैं तो यह मुश्किल का सौदा हो सकता है. इसकी वजह है कि मौजूदा समय में इतने ज्यादा चार्जिंग स्टेशन मौजूद नहीं हैं. इसलिए अगर चलते समय बैटरी खत्म हो गई तो इन्हे धकेलने के अलावा कोई और ऑप्शन नहीं बचता है.
पेट्रोल-डीजल वाली कार के मुकाबले इनकी कीमत ज्यादा होती है. यानी अगर कोई मिडल क्लास व्यक्ति इन्हें खरीदना चाहे, तो थोड़ी बजट में दिक्कत जरूर हो सकती है. इनकी कीमत ज्यादा होने का एक कारण इनकी फ्यूल तकनीक और लेटेस्ट तकनीक भी हो सकती है.
ई-कार के साथ एक दिक्कत यह भी होती है कि इनकी पावर थोड़ी कम होती है. इसकी वजह है कि यह बैटरी पर चलती है. साथ ही अगर ज्यादा पावर वाली ई-कार चाहिए तो बजट को बढ़ाना पड़ता है. ऐसे में लोग बजट कम रखते हुए लो पावर कार खरीदते हैं.