आजकल लोग सेहत के लिए खाने-पीने पर खास ध्यान देने लगे हैं. यही वजह है कि अब थाली में सिर्फ गेहूं की रोटी ही नहीं, बल्कि ज्वार, बाजरा और रागी जैसी मोटे अनाज की रोटियां भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं. खासकर वजन कम करने वाले और फिटनेस का ध्यान रखने वाले लोग यह जानना चाहते हैं कि किस आटे की रोटी ज्यादा फायदेमंद है और उसमें कितनी कैलोरी होती है.
दरअसल, किसी भी रोटी को हेल्दी बनाने में सिर्फ उसकी कैलोरी ही नहीं, बल्कि उसमें मौजूद फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भी अहम भूमिका निभाते हैं. हर अनाज की अपनी अलग पोषण क्षमता होती है. आइए जानते हैं कौन-सी रोटी शरीर के लिए कितनी फायदेमंद हो सकती है.
गेहूं की रोटी
भारतीय घरों में सबसे ज्यादा गेहूं के आटे की रोटी खाई जाती है. एक मीडियम आकार की गेहूं की रोटी में करीब 70 से 100 कैलोरी होती है. इसमें फाइबर, प्रोटीन, आयरन, विटामिन B और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. हालांकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसे सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी जाती है.
ज्वार की रोटी
ज्वार की रोटी आजकल फिटनेस पसंद लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है. यह ग्लूटेन फ्री होती है, इसलिए जिन लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी है उनके लिए अच्छा विकल्प मानी जाती है. एक ज्वार की रोटी में लगभग 100 से 120 कैलोरी होती है. इसमें फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. यह पाचन सुधारने, वजन घटाने और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में मदद कर सकती है.
बाजरे की रोटी
बाजरे की तासीर गर्म मानी जाती है, इसलिए इसे सर्दियों में ज्यादा खाया जाता है. एक बाजरे की रोटी में लगभग 110 से 120 कैलोरी होती है. इसमें फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और फास्फोरस भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. यह शरीर को ऊर्जा देने, हड्डियों को मजबूत बनाने और कमजोरी दूर करने में मददगार मानी जाती है. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए डायबिटीज के मरीज भी इसे खा सकते हैं.
रागी की रोटी
रागी को सुपर फूड कहा जाता है. इसकी एक रोटी में करीब 85 से 90 कैलोरी होती है. इसमें कैल्शियम, आयरन, अमीनो एसिड और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. रागी की रोटी खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती, इसलिए यह वजन कम करने वालों के लिए अच्छा विकल्प मानी जाती है.
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