Snake Facts: ठंड में कहां गायब हो जाते हैं सांप? रहस्यों से भरा है उनका जीवन, वजह जान रह जाएंगे दंग

सांप एक शीत रक्त प्राणी होता है, ठंड के मौसम में उसके शरीर में रक्त जम जाता है जिससे उसके में हलचल कर पाना मुश्किल होता है, यहां तक की भूख होने पर भी भोजन नहीं कर पाते सांप और यह प्रक्रिया उसके शरीर में बहुत दर्द दायक होती है. यही वजह है कि ठंड के मौसम में सांप काफी आक्रामक होते हैं.

ठंड में कहां जाते हैं सांप?
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:31 PM IST

क्या आपने गौर किया है कि सर्दी में सांप नजर आने बंद हो जाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि सर्दी के दिनों सांप आखिर जाते कहां है? अगर नहीं तो चलिए आपको बताते हैं.

दरअसल, सांप एक शीत रक्त प्राणी होता है, ठंड के मौसम में उसके शरीर में रक्त जम जाता है जिससे उसके में हलचल कर पाना मुश्किल होता है, यहां तक की भूख होने पर भी भोजन नहीं कर पाते सांप और यह प्रक्रिया उसके शरीर में बहुत दर्द दायक होती है. यही वजह है कि ठंड के मौसम में सांप काफी आक्रामक होते हैं.

ठंड में कहां जाते हैं सांप?
जब तापमान बहुत कम हो जाता है, तो उनका शरीर सुस्त पड़ जाता है और वे ज्यादा ऊर्जा खर्च नहीं करते. इस दौरान वो बिल, पत्थरों के नीचे या पेड़ों की जड़ों में छिपकर हाइबरनेशन यानी शीत निद्रा में चले जाते हैं. कुछ प्रजातियां इस अवस्था में कई हफ्तों या महीनों तक बिना खाए-पिए रहती हैं.

हाइबरनेशन क्या है?
हाइबरनेशन एक ऐसी अवस्था है, जिसमें जानवर अपनी गतिविधियों को लगभग बंद कर देते हैं ताकि ऊर्जा की बचत कर सकें. ठंडे मौसम में जब भोजन मिलना मुश्किल हो जाता है, तो कई जीव जैसे मेंढक, छिपकली, भालू और सांप इस अवस्था में चले जाते हैं. ठंड के महीनों में उनका दिल बहुत धीरे धड़कता है, सांसें कम हो जाती हैं और वे लगभग निष्क्रिय हो जाते हैं. जब मौसम दोबारा गर्म होता है, तब वे अपनी छिपी हुई जगहों से बाहर निकलते हैं.

आंख खोल कर सोते हैं सांप
लोगों को लगता है कि सांप कभी सोते नहीं. क्योंकि, उनकी आंखें हमेशा खुली रहती हैं. लेकिन इसका असल कारण है कि, सांपों की पलकें नहीं होती और उनकी आंखों पर एक पारदर्शी परत होती है जो धूल और चोट से सुरक्षा देती है. इसलिए जब सांप सोते हैं, उनकी आंखें खुली ही दिखाई देती हैं.

ठंड से कैसे बचते हैं सांप
सांपों के शरीर में न तो बाल होते हैं और न ही कोई ऊष्मा पैदा करने वाला अंग. इसलिए जैसे-जैसे तापमान कम होता है, उनका शरीर उतना ही ठंडा हो जाता है. ऐसे में अगर वे ठंड में बाहर रहें, तो उनके शरीर की कोशिकाएं जम सकती हैं और वे मर सकते हैं. यही कारण है कि वे ऐसी जगह चुनते हैं जहां तापमान स्थिर रहे, जैसे- जमीन के नीचे या किसी बिल में. वहां का तापमान ऊपर की तुलना में थोड़ा ज्यादा रहता है, जो उनके जीवित रहने के लिए उपयुक्त होता है.

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