महिला को सुनाई देना बंद हुई सिर्फ पुरुषों की आवाज, मेडिकल जांच में सामने आया चौंकाने वाला मामला

दिलचस्प बात ये है कि इस बीमारी में इंसान को खास तौर पर भारी यानी लो-फ्रीक्वेंसी आवाजें सुनाई देना बंद हो जाती हैं. चूंकि ज्यादातर पुरुषों की आवाज इसी रेंज में होती है, इसलिए महिला को अपने बॉयफ्रेंड की आवाज गायब लगने लगी.

Woman Suddenly Stops Hearing
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 18 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:44 AM IST

सुबह उठकर अगर अचानक आपके पार्टनर की आवाज सुनाई देना बंद हो जाए, तो शायद पहला ख्याल यही आएगा कि सामने वाला आपको इग्नोर कर रहा है लेकिन चीन की एक महिला के साथ जो हुआ, वह किसी रिलेशनशिप ड्रामे से नहीं बल्कि एक दुर्लभ बीमारी से जुड़ा था. हैरानी की बात ये रही कि महिला को बाकी सभी लोगों की आवाजें साफ सुनाई दे रही थीं, लेकिन अपने बॉयफ्रेंड की आवाज बिल्कुल गायब हो चुकी थी. जांच में डॉक्टरों ने बताया कि महिला रिवर्स स्लोप हियरिंग लॉस नाम की रेयर बीमारी से जूझ रही है, जिसमें इंसान को लो-फ्रीक्वेंसी यानी भारी आवाजें सुनाई देना बंद हो जाती हैं.

दिलचस्प बात ये है कि इस बीमारी में इंसान को खास तौर पर भारी यानी लो-फ्रीक्वेंसी आवाजें सुनाई देना बंद हो जाती हैं. चूंकि ज्यादातर पुरुषों की आवाज इसी रेंज में होती है, इसलिए महिला को अपने बॉयफ्रेंड की आवाज गायब लगने लगी.

क्या है रिवर्स स्लोप हियरिंग लॉस?
आमतौर पर सुनने की क्षमता कम होने पर लोगों को तेज और हाई-पिच आवाजें सुनने में दिक्कत होती है. लेकिन इस बीमारी में मामला उल्टा होता है. मरीज को गहरी और भारी आवाजें सुनाई नहीं देतीं, जबकि ऊंची आवाजें सामान्य रूप से सुनाई देती हैं. डॉक्टर जब मरीज का ऑडियोग्राम टेस्ट करते हैं, तो ग्राफ की लाइन उल्टी ढलान जैसी दिखाई देती है. इसी वजह से इसे रिवर्स स्लोप हियरिंग लॉस कहा जाता है.

सिर्फ पुरुषों की आवाज नहीं होती गायब
डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसा नहीं है कि मरीज को सिर्फ पुरुषों की आवाज ही सुनाई नहीं देती. जिन महिलाओं की आवाज भारी होती है, उनकी आवाज भी प्रभावित हो सकती है. वहीं अगर किसी पुरुष की आवाज ज्यादा पतली या हाई-पिच हो, तो वह सुनाई दे सकती है. इस बीमारी में सिर्फ बातचीत ही नहीं, बल्कि कई दूसरी लो-फ्रीक्वेंसी आवाजें भी गायब हो सकती हैं. जैसे दूर की गरज, भारी म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट्स या मशीनों की गूंज.

लंबे समय तक पकड़ में नहीं आती बीमारी
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी आसानी से पकड़ में नहीं आती. लोग आमतौर पर तेज और चुभने वाली आवाजें सुनाई न देने पर जल्दी ध्यान देते हैं, लेकिन भारी आवाजों के गायब होने का एहसास धीरे-धीरे होता है. इसी कारण कई लोग सालों तक बिना इलाज के रहते हैं.

किन वजहों से हो सकती है यह समस्या?
मेनिएर्स डिजीज
वायरल इंफेक्शन
किडनी फेलियर
दिमाग के आसपास प्रेशर में बदलाव

कुछ मामलों में सुनने की क्षमता हमेशा के लिए प्रभावित हो सकती है. हालांकि, हियरिंग एड्स से मरीजों को काफी राहत मिलती है.

डॉक्टर ने बॉयफ्रेंड को दी क्लीन चिट
महिला के बॉयफ्रेंड के लिए राहत की बात ये रही कि डॉक्टरों ने साफ कहा इसमें उनकी आवाज या रिश्ते की कोई गलती नहीं है. समस्या सिर्फ कानों की थी.

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