जोमैटो के फाउंडर दीपेंद्र गोयल ने हाल ही में एक यूट्यूबर के पॉडकास्ट में शिरकत की. उन्होंने वहां रिफंड पॉलिसी को लेकर काफी गंभीर सवाल उठाए. उनके द्वारा उठाए गए सवालों को लेकर ग्राहकों का व्यवहार ही शक के दायरे में आ जाता है. जहां एक तरह डिलिवरी ऐप सुविधा मुहैया करवा रहे है, वहीं ग्राहक गलत तरीके अपनाकर रिफंड पॉलिसी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.
गोयल का कहना है कि लोग इस हद तक पहुंच चुके हैं कि रिफंड लेने के लिए वह जानबूझकर किसी बाहरी चीज़ को फूड में डाल देते हैं और रिफंड क्लेम करते हैं. ऐसे में यह पता लगा पाना वाकई बहुत मुश्किल हो जाता है कि किसका रिफंड बनता है, और कौन जानबूझकर शैतानी कर रहा है.
खाने में डाल देते हैं बाल
खाने में साफ-सुथराई होना बहुत जरूरी है. यहां तक कि हमारे घर के खाने में भी अगर बाल निकल जाता है, तो हम टोक देते है. गोयल बताते हैं कि ऐसे मामले आए हैं, जहां लोग खुद अपने बाल को तोड़कर खाने में डाल देते हैं, और रिफंड क्लेम करने लग जाते है.
अगर बाल नहीं को वह किसी और बाहरी चीज़ को खाने में डाल देते है, जिससे खाने को अनहाइजीनिक कहा जा सके. ऐसे में रिफंड की बात करना लाजमी है. लेकिन शरारत के तौर पर करना फिर क्लेम की बात करना गलत है. वह बताते हैं कि उन्होंने मामले देखे जहा लोग खाने में किसी कीट जैसे मक्खी को डाल देते हैं, जिसके बाद रिफंड क्लेम करने लग जाते हैं.
तकनीक भी बनी मुसीबत
जहां एक तरफ कुछ ऐसे लोग हैं तो एआई का काफी सही इस्तेमाल कर कुछ अनोखा तैयार करते हैं, या काम को प्रोडक्टिव बनाते हैं. लेकिन एआई कितना ताकतवर है इस बात को नकारा नहीं जा सकता. गोयल कहते हैं कि कई लोग तो एआई का इस्तेमाल कर अच्छे-खाने केक की बिगड़ी फोटो बना देते हैं. जिसके बाद वह रिफंड क्लेम करते हैं. अब ऐसे में लोगों को कहां तक रोका जा सकता है.