कई बार जिंदगी हमें ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करती है, जहां जवाब ढूंढना आसान नहीं होता. उसी वक्त कुछ ऐसे विचार सामने आते हैं जो सुनने में सरल लगते हैं, लेकिन भीतर तक जाकर सोच बदल देते हैं. श्रीमद्भगवद्गीता में लिखी कुछ बातें भी ऐसी ही हैं जो कड़वी सच्चाई की तरह चुभती जरूर हैं, लेकिन अगर इन्हें समझकर अपनाया जाए, तो जीवन का बोझ हल्का होने लगता है और मुश्किलें भी ज्यादा स्पष्ट दिखने लगती हैं.
तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल की चिंता मत करो.
इस दुनिया में कोई भी पूरी तरह से सही नहीं है, इसलिए लोगों की अच्छाइयों को देखकर उनके साथ अच्छे रिश्ते बनाइए.
परिवर्तन संसार का नियम है, जो आज तुम्हारा है, कल किसी और का होगा.
जो हुआ, वह अच्छे के लिए हुआ; जो हो रहा है, वह अच्छे के लिए हो रहा है; जो होगा, वह भी अच्छे के लिए होगा.
जो जितना शांत होता है, वो उतनी ही गहराई से अपनी बुद्धि का प्रयोग कर सकता हैं...
सबसे समझदार इंसान वही हैं, जो सफलता मिलने पर अहंकार में नहीं आता और असफलता में गम में नहीं डूब जाता हैं.
अच्छे कर्म करने के बावजूद भी लोग केवल आपकी बुराइयां ही याद रखेंगे. इसलिए लोग क्या कहते है इस पर ध्यान मत दो.