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धर्म

ताले वाले अनोखे महादेव, यहां खुलते हैं भाग्य के ताले, मंदिर में हर तरफ लगे हैं मनोकामनाओं के Lock

पंकज श्रीवास्तव
  • प्रयागराज,
  • 13 अगस्त 2026,
  • Updated 11:57 AM IST
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प्रयागराज में भगवान शिव का एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जिसे श्रद्धालु नाथेश्वरनाथ महादेव मंदिर या 'ताले वाले महादेव' के नाम से जानते हैं. यहां भक्त भगवान शिव के सामने अपनी मनोकामना लेकर आते हैं और मंदिर परिसर में एक ताला लगा देते हैं. मान्यता है कि भोलेनाथ भक्तों की प्रार्थना सुनकर उनकी इच्छा पूरी करते हैं. मनोकामना पूरी होने के बाद श्रद्धालु दोबारा मंदिर पहुंचते हैं और उसी ताले को खोलकर भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन करते हैं.

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मंदिर की दीवारों, जालियों और आसपास के हिस्सों पर नजर डालें तो हर तरफ ताले ही ताले दिखाई देते हैं. इन तालों की संख्या इतनी ज्यादा हो चुकी है कि समय-समय पर पुराने ताले हटाकर अलग कमरे में रखे जाते हैं. कई भक्त अपने ताले पर नाम, पता या कोई खास पहचान लिखवा देते हैं, ताकि इच्छा पूरी होने के बाद वे आसानी से अपना ताला पहचानकर उसे खोल सकें. 

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यहां आने वाले भक्त अपनी मनोकामना मन में लेकर ताला लगाते हैं और भगवान शिव से उसे पूरा करने की प्रार्थना करते हैं. किसी की नौकरी की इच्छा होती है, कोई परिवार की खुशहाली मांगता है तो कोई अपनी किसी दूसरी परेशानी के दूर होने की कामना लेकर पहुंचता है. श्रद्धालुओं का कहना है कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और भोलेनाथ की कृपा से कई लोगों की मनोकामनाएं पूरी हुई हैं.

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मंदिर में रोजाना जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और आरती होती है. सावन के सोमवार और महाशिवरात्रि जैसे खास मौकों पर यहां भक्तों की भीड़ और बढ़ जाती है. पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठता है. इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव को जल चढ़ाने के साथ अपनी मनोकामना का ताला भी लगाते हैं.

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ताले वाले महादेव मंदिर की सबसे खास बात यही आस्था है कि यहां भक्त अपनी इच्छा का ताला लगाकर भगवान शिव के भरोसे छोड़ देता है और मनोकामना पूरी होने पर उसे खोलने वापस आता है. मंदिर में लगे लाखों ताले मानो अलग-अलग भक्तों की उम्मीदों और विश्वास की कहानी सुनाते हैं.

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