राजस्थान की मशहूर साध्वी प्रेम बाईसा की जोधपुर के आश्रम में रहस्यमयी मौत हो गई. मौत से पहले ही उनको एक इंजेक्शन लगाया गया था. जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद उनको अस्पताल ले जाया गया. लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका. साध्वी की मौत पर सवाल उठ रहे हैं. शक जताया जा रहा है कि उनकी मौत सामान्य नहीं है.
कौन थी साध्वी प्रेम बाईसा?
साध्वी प्रेम बाईसा राजस्थान के बालोतरा जिले के परेऊ गांव की रहने वाली थी. उनके पिता का नाम विरमनाथ था. वो एक ट्रक ड्राइवर थे. जबकि उनकी मां का नाम अमरू बाईसा था, जो एक हाउस वाइफ थी.
बचपन में ही प्रेम बाईसा की मां का निधन हो गया. इसके बाद पिता प्रेम बाईसा को लेकर जोधपुर के गुरुकृपा आश्रम गए. इस आश्रम में राजाराम जी महाराज और संत कृपाराम जी महाराज के साथ में रहकर कथावाचन और भजन गायन सीखा.
गुरुकृपा आश्रम से हो गई थीं अलग-
प्रेम बाईसा कथावाचक और भजन गायक के तौर पर फेमस थी. जब वो लोकप्रिय हो गईं तो वो गुरुकृपा आश्रम से अलग हो गईं और जोधपुर के साधना कुटीर आश्रम में रहने लगी. साध्वी प्रेम बाईसा ने अपने पैतृक गांव परेऊ में भी एक आश्रम बनाया था.
विवादों से रहा नाता-
साध्वी प्रेम बाईसा का विवादों से गहरा नाता रहा. गांव में परिजनों के साथ उनका जमीन विवाद भी रहा. जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था.
साल 2025 में उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जिसमें साध्वी प्रेम बाईसा एक शख्स से गले मिलते दिखाई दे रही थी. इस वीडियो को लेकर साध्वी ने स्पष्ट किया था कि इस वीडियो में उनके पिता महंत वीरमनाथ थे.