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AC in Mandir: काशी में भगवान के लिए AC और कूलर! नौतपा की तपिश से देवी-देवताओं को राहत, मंदिरों में अनोखी व्यवस्था!

वाराणसी के मंदिरों में भगवान के लिए AC और कूलर की व्यवस्था न केवल एक अनोखी पहल है बल्कि यह भक्तों की गहरी श्रद्धा और परंपराओं का प्रतीक है. नौतपा की तपिश में यह सुविधा भगवान और भक्तों, दोनों को राहत दे रही है. 

काशी में भगवान के लिए AC
रोशन जायसवाल
  • वाराणसी,
  • 02 जून 2025,
  • अपडेटेड 3:24 PM IST

क्या भगवान को भी गर्मी लगती है? यह सवाल सुनकर भले ही आप चौंक जाएं, लेकिन काशी की पवित्र धरती पर नौतपा की तपिश से देवी-देवताओं को बचाने के लिए मंदिरों में एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों की व्यवस्था की गई है! जी हां, वाराणसी के मंदिरों में जहां श्रद्धालुओं के लिए छांव और ठंडे पानी का इंतजाम है, वहीं गर्भगृह में भगवान के लिए AC और कूलर चल रहे हैं. नौतपा की भीषण गर्मी में यह अनोखी पहल सुर्खियां बटोर रही है. 

नौतपा की गर्मी में काशी का माहौल
वाराणसी में इस बार गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक पहुंच चुका है, और नौतपा के दौरान यह 42 डिग्री से नीचे नहीं आ रहा. आसमान से बरसते अंगारों और हिटवेव ने आम लोगों से लेकर खास तक, सभी को परेशान कर रखा है. ऐसे में, काशी के मंदिरों ने अपने भक्तों और भगवान, दोनों की सुविधा के लिए खास इंतजाम किए हैं. मंदिरों में जहां श्रद्धालुओं के लिए पंखे, कूलर, छांव और घड़े में ठंडा पानी रखा गया है, वहीं गर्भगृह में भगवान के लिए एयर कंडीशनर की ठंडक सुनिश्चित की गई है. यह भक्ति और तकनीक का अनोखा संगम है, जो वाराणसी की आध्यात्मिक धरोहर को और खास बना रहा है.

मंदिरों में भगवान के लिए AC और कूलर
वाराणसी के लोहटिया इलाके में स्थित प्राचीन बड़ा गणेश मंदिर में इस गर्मी से निपटने के लिए खास व्यवस्था की गई है. मंदिर के महंत राजेश तिवारी ने बताया, “हमने श्रद्धालुओं के लिए पंखे, कूलर, छांव और ठंडे पानी की व्यवस्था की है, लेकिन गर्भगृह में भगवान गणेश के लिए एयर कंडीशनर चलाया जा रहा है. भगवान तो सबके पालनहार हैं, उन्हें गर्मी क्या सताएगी? लेकिन यह भक्तों की भावना है कि हम अपने आराध्य को हर सुविधा दें.”

इसी तरह, चौक क्षेत्र के पंचमुखी हनुमान मंदिर और महाभारत काल के संकटा माता मंदिर में भी गर्भगृह में AC की ठंडी हवा भगवान को राहत दे रही है. लोहटिया के राम जानकी मंदिर में तो शीतल कूलर की व्यवस्था की गई है, जो भगवान राम और माता सीता के लिए खास तौर पर लगाया गया है. इन मंदिरों में पुजारी और श्रद्धालु इस बात पर एकमत हैं कि जैसे इंसानों को गर्मी और ठंड का एहसास होता है, वैसे ही भक्तों की भावना से प्रेरित होकर भगवान के लिए भी ऐसी व्यवस्थाएं की जाती हैं.

श्रद्धालुओं की भावना और पुजारियों की बात
संकटा माता मंदिर के पुजारी गोविंद जी ने कहा, “गर्मी के इन दिनों में भक्तों की श्रद्धा और भगवान के प्रति प्रेम ही हमें ऐसी व्यवस्था करने के लिए प्रेरित करता है.” वहीं, राम जानकी मंदिर के पुजारी देवेंद्रनाथ चौबे ने बताया, “सर्दियों में हम भगवान को गर्म वस्त्र अर्पित करते हैं, और गर्मियों में ठंडक के लिए कूलर और AC का इंतजाम करते हैं. यह हमारी परंपरा और भक्ति का हिस्सा है.”

श्रद्धालुओं में भी इस पहल को लेकर उत्साह है. राजू यादव, एक स्थानीय श्रद्धालु, ने कहा, “जैसे हमें गर्मी में AC और कूलर की जरूरत पड़ती है, वैसे ही भगवान के लिए भी यह व्यवस्था हमें खुशी देती है.” श्वेता, एक अन्य श्रद्धालु, ने बताया, “नौतपा की गर्मी बहुत ज्यादा है. मंदिरों में यह व्यवस्था देखकर लगता है कि भगवान और भक्त, दोनों की फिक्र की जा रही है.”

काशी में गर्मी का असर
इस बार नौतपा की गर्मी ने वाराणसी में हाल बेहाल कर दिया है. तापमान 42 डिग्री के आसपास बना हुआ है, और हिटवेव ने लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया है. ऐसे में मंदिरों की यह पहल न केवल भक्तों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि काशी की आध्यात्मिकता आधुनिकता के साथ कदमताल कर रही है.

वाराणसी के मंदिरों में भगवान के लिए AC और कूलर की व्यवस्था न केवल एक अनोखी पहल है बल्कि यह भक्तों की गहरी श्रद्धा और परंपराओं का प्रतीक है. नौतपा की तपिश में यह सुविधा भगवान और भक्तों, दोनों को राहत दे रही है. 

 

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