महाराष्ट्र के अकोला में गणेशोत्सव की रौनक इस समय चरम पर है. शहर के करीब 90 साल पुराने मारवाड़ी प्रेस गणपति का इस बार का दरबार भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. लकड़ी के महल की थीम पर तैयार किए गए इस पंडाल में 15 फीट ऊंची गणपति बप्पा की भव्य प्रतिमा सजाई गई है. मारवाड़ी प्रेस गणपति उत्सव की करीब 90 साल पुरानी परंपरा के बीच इस बार पंडाल को बेहद खास अंदाज में सजाया गया है. पूरा दरबार लकड़ी के महल और भव्य राजसी सजावट की थीम पर तैयार किया गया है. पंडाल में प्रवेश करते ही सामने करीब 15 फीट ऊंची गणपति बप्पा की प्रतिमा नजर आती है. बप्पा का भव्य स्वरूप और पूरे दरबार की सजावट भक्तों का ध्यान खींच रही है.
आभूषणों से हुआ बप्पा का शानदार श्रृंगार
गणपति बप्पा की प्रतिमा पर खूबसूरत आभूषण और सजावटी ज्वेलरी लगाई गई है. इससे बप्पा का स्वरूप और भी भव्य दिखाई दे रहा है. प्रतिमा के दोनों ओर रिद्धि-सिद्धि की प्रतिमाएं सजाई गई हैं. साथ ही पानी के फव्वारों को भी दरबार की सजावट का हिस्सा बनाया गया है. रोशनी, महलनुमा सजावट और बप्पा का दिव्य स्वरूप पूरे पंडाल को भक्तिमय बना रहा है. इस पंडाल की खासियत सिर्फ बप्पा की भव्य प्रतिमा और सजावट तक सीमित नहीं है. यहां भगवान गणेश के जन्म की कथा को भी पोस्टरों और चित्रों के जरिए दिखाया गया है. चित्रों के माध्यम से बताया गया है कि माता पार्वती ने गणेश जी की उत्पत्ति कैसे की और किस तरह भगवान शिव और गणेश जी के बीच युद्ध हुआ. इस तरह श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ भगवान गणेश से जुड़ी पौराणिक कथा को समझने का अवसर भी मिल रहा है.
एक ही पंडाल में अष्टविनायक के दर्शन
पंडाल में महाराष्ट्र के प्रसिद्ध अष्टविनायक गणपति मंदिरों की झलक भी देखने को मिल रही है. अलग-अलग पोस्टरों और चित्रों के जरिए अष्टविनायक के दर्शन की व्यवस्था की गई है. यानी एक ही जगह भक्तों को गणपति बप्पा के भव्य स्वरूप के साथ महाराष्ट्र के आठ प्रमुख गणपति तीर्थों की झलक देखने को मिल रही है. गणपति बप्पा के दर्शन के लिए पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच रही है. कोई बप्पा के भव्य स्वरूप को निहार रहा है, तो कोई मोबाइल कैमरे में इस खूबसूरत दरबार को कैद कर रहा है. 90 साल पुरानी आस्था और इस बार की भव्य सजावट का संगम भक्तों को खासा आकर्षित कर रहा है.
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