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Jagannath Rath Yatra Theme Ganesha Pandal: गणेश पंडाल में सजी पुरी की प्रसिद्ध रथ यात्रा, बप्पा संग हो रहे भगवान जगन्नाथ के दर्शन

अमरावती में गणेश उत्सव के दौरान इस बार भक्तों को एक ही जगह पर गणपति बप्पा के साथ भगवान जगन्नाथ के दर्शन का अनुभव हो रहा है. शहर के नीलकंठ गणेश उत्सव मंडल ने अपने पंडाल में जगन्नाथ पुरी की प्रसिद्ध रथ यात्रा महोत्सव की भव्य झांकी तैयार की है. करीब 85 वर्षों से अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक झांकियों के जरिए गणेश उत्सव मनाने वाला यह मंडल इस बार भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथ यात्रा को पंडाल में साकार कर रहा है.

जगन्नाथ पुरी के तर्ज पर सजा विशेष गणेश पंडाल
धनंजय साबले
  • अमरावती,
  • 18 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:48 PM IST

गणेश उत्सव आस्था का पर्व है और इसी आस्था के बीच अमरावती में भक्तों को इस बार जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा का अनुभव मिल रहा है. नीलकंठ गणेश उत्सव मंडल ने अपने पंडाल में रथ यात्रा महोत्सव की ऐसी झांकी तैयार की है, जिसे देखकर श्रद्धालुओं को कुछ पल के लिए खुद को ओडिशा के पुरी धाम में मौजूद होने जैसा महसूस हो रहा है. भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को रथ पर विराजमान किया गया है. वहीं दोनों तरफ मंदिरनुमा संरचनाएं तैयार की गई हैं. इनमें से एक में गणपति बप्पा और दूसरे में बजरंगबली की प्रतिमा स्थापित की गई है.

रथ पर जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन
अमरावती के नीलकंठ गणेश उत्सव मंडल का यह पंडाल इस समय श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. पंडाल में पहुंचते ही सबसे पहले नजर भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा की झांकी पर पड़ती है. रथ पर भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान हैं. रथ के आसपास तैयार किया गया पूरा सेटअप पुरी की रथ यात्रा महोत्सव की याद दिलाता है. झांकी के दोनों ओर मंदिरनुमा रचनाएं बनाई गई हैं. एक मंदिर में गणपति बप्पा, जबकि दूसरे मंदिर में बजरंगबली की प्रतिमा स्थापित की गई है.

श्रद्धालुओं को मिल रहा पुरी जैसा अनुभव
जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा को करीब से देखने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह झांकी एक अलग अनुभव दे रही है. कई भक्तों का कहना है कि उन्होंने अभी तक खुद पुरी जाकर भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा नहीं देखी है. लेकिन पंडाल में पहुंचने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है, जैसे वे वास्तव में जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा में ही शामिल हो गए हों.

85 साल से अलग-अलग झांकियां बनाता आ रहा है मंडल
नीलकंठ गणेश उत्सव मंडल अमरावती के अध्यक्ष अनंत साउलकर ने बताया कि मंडल पिछले करीब 85 वर्षों से गणेश उत्सव के दौरान अलग-अलग धार्मिक और आस्था के प्रतीकों पर आधारित झांकियां तैयार करता आ रहा है. उनके मुताबिक, हर साल मंडल का प्रयास रहता है कि श्रद्धालुओं को कुछ अलग देखने को मिले. इस बार जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा महोत्सव की झांकी तैयार की गई है, ताकि अमरावती के श्रद्धालुओं को यहीं भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ यात्रा की अनुभूति हो सके.

गणपति बप्पा के साथ जगन्नाथ और बजरंगबली के दर्शन
अमरावती की इस खास झांकी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन के साथ श्रद्धालुओं को रथ यात्रा का अनुभव कराया जा रहा है. खास बात यह है कि जिन भक्तों ने अब तक पुरी जाकर जगन्नाथ रथ यात्रा नहीं देखी है, वे यहां इस झांकी के जरिए उसी माहौल को महसूस कर रहे हैं. गणपति बप्पा के दर्शन के साथ जगन्नाथ पुरी की यह झांकी भी श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बनी हुई है. करीब 85 साल पुरानी गणेश उत्सव की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नीलकंठ गणेश उत्सव मंडल ने इस बार पुरी धाम की प्रसिद्ध रथ यात्रा को अमरावती में साकार करने की कोशिश की है. गणपति बप्पा के साथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन, वहीं मंदिरनुमा संरचनाओं में गणपति और बजरंगबली की मौजूदगी पूरे पंडाल को एक ऐसा धार्मिक स्वरूप दे रही है, जहां श्रद्धालुओं को गणेश उत्सव के साथ जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव की भी अनुभूति हो रही है.
 

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