Advertisement

Shani Dhosh Ke Upay: अगर आप शनि दोष से पाना चाहते हैं मुक्ति तो शमी और पीपल के साथ करें ये काम

शनि देव को न्याय और कर्म का देवता माना जाता है. अगर किसी व्यक्ति को शनि देव के प्रकोप से बचना है तो उसको सत्कर्मों पर चलना होगा. शनि दोष से मुक्ति के लिए शमी और पीपल के पेड़ की पूजा करना अचूक उपाय है.

Shani Dev
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 19 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 6:25 PM IST

शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है, जो कर्मों के अनुसार फल देते हैं. पीपल के वृक्ष की पूजा शनि देव की कृपा पाने का एक प्रभावी उपाय है. ज्योतिषियों के  मुताबिक पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने और 'ओम शम शनिश्चराय नमः' मंत्र का जाप करने से गृह क्लेश, आर्थिक बाधा और संतान प्राप्ति जैसी समस्याओं का समाधान होता है.

पिप्पलाद और शनिदेव की कथा-
एक पौराणिक कथा के अनुसार महर्षि दधीचि के पुत्र पिप्पलाद ने शनिदेव को दंडित करने के लिए तपस्या की थी. भगवान शिव ने पिप्पलाद को शांत किया और शनिदेव से वचन दिलाया कि जो भी पीपल की पूजा करेगा, वह शनि की पीड़ा से मुक्त रहेगा.

शमी का पौधा और शनि देव की कृपा-
शमी का पौधा शनि देव का प्रिय माना जाता है. शमी की पूजा करने से शनि की साढ़े साती और ढैया जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. शमी के पत्तों का उपयोग धन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता है. शनिवार को शमी के पौधे के नीचे दीपक जलाने से शनि संबंधी पीड़ा दूर होती है.

शमी के पत्तों को जल में डालकर शिवलिंग पर अर्पित करने से धन संबंधी समस्याओं का समाधान होता है. शमी का पौधा घर के मुख्य द्वार के पास लगाना शुभ माना जाता है.

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए दान का महत्व-
शनि देव को प्रसन्न करने के लिए दान करना सर्वोत्तम उपाय है. काले वस्त्र, काले चने, लोहे की वस्तुएं और छाया का दान करने से शनि की कृपा प्राप्त होती है. ज्योतिषियों के अनुसार दान करते समय मन में सच्चाई और श्रद्धा होनी चाहिए.

हनुमान जी और शनि का संबंध-
हनुमान जी की पूजा करने से भी शनि की पीड़ा से राहत मिलती है. पीपल के पत्तों पर राम नाम लिखकर हनुमान जी को अर्पित करने से शनि के कष्टों से मुक्ति मिलती है. सनातन धर्म में वृक्षों और ग्रहों का गहरा संबंध है. शनि का संबंध पीपल और शमी से विशेष रूप से माना गया है. इन वृक्षों की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है.

ये भी पढ़ें:

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement