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Ram Navami in Ayodhya: अयोध्या में रामनवमी की तैयारियों पर जोर, नवरात्रि में टूरिस्ट की और बढ़ेगी संख्या, अब तक पहुंचे डेढ करोड़ श्रद्धालू

रामलला के राम मंदिर में विराजने के बाद पहली रामनवमी 18 अप्रैल को पड़ रही है और इस मौके के लिए अयोध्या में जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं. नवरात्रि के खास मौके पर अयोध्या में श्रद्धालुओं का आगमन बढ़ने का अनुमान है.

Ram Mandir (Photo: Wikipedia)
शिल्पी सेन
  • लखनऊ,
  • 04 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 2:29 PM IST

अयोध्या में राम मंदिर के लोकार्पण के बाद अब तक क़रीब डेढ़ करोड़ लोग रामनगरी पहुंचे हैं. रामलला के दर्शन के लिए रोज़ाना 1 से 1.5 लाख की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. ऐसे में रामनवमी पर क्राउड मैनेंजेंट के लिए प्रशासन बड़ी योजना तैयार कर रहा है. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद ये पहली राम नवमी होगी, इसलिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अयोध्या पहुंचने का अनुमान है.

हर साल लगता है मेला  
सदियों के इंतज़ार के बाद रामलला अपने जन्मभूमि पर बने भव्य मंदिर में विराजमान हो गए हैं. इसलिए इस बार की रामनवमी राम भक्तों के लिए ख़ास रहने वाली है. अयोध्या में नवरात्र के पहले दिन से लगने वाला रामनवमी का मेला भी हमेशा से लोगों के लिए ख़ास रहा है. प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब तक रोज़ाना लाखों लोग रामलला के दर्शन कर रहे हैं. ऐसे में रामनवमी पर यह संख्या बहुत ज़्यादा बढ़ने अनुमान है. यूपी सरकार और अयोध्या प्रशासन ने इसकी तैयारी तेज़ कर दी है.

अब तक डेढ़ करोड़ श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं. इनमें 1 लाख क़रीब विदेशी पर्यटक हैं. राम नवमी के दौरान प्रदेश में कई ज़िलों में चुनाव का माहौल तेज़ होगा तो वहीं मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक़ गर्मी भी ज़्यादा होगी. इस बार अप्रैल के मध्य में सामान्य से ज्यादा तापमान का अनुमान किया गया है. इसको देखते हुए दर्शनार्थियों और पर्यटकों की को सुविधाएं देने के लिए व्यवस्था की जा रही है. वहीं, भीड़ को नियंत्रित कर सुगमता से दर्शन कराने के लिए क्राउड मैनेजमेंट का प्लान भी तैयार किया गया है. 

क्राउड मैनेजमेंट के लिए 'होल्डिंग एरिया' चिह्नित
रामनवमी 17 अप्रैल 2024 को है. 9 अप्रैल नवरात्र के पहले दिन से अयोध्या का विश्वप्रसिद्ध रामनवमी का मेला शुरू हो जाएगा. इस साल रामनवमी पर 40 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. ऐसे में श्रीराम ट्रस्ट मंदिर के भीतर और अयोध्या प्रशासन पूरे अयोध्या में तैयारी कर रहा है. अयोध्या प्रशासन ने आने वाले श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराने के लिए होल्डिंग क्षेत्र तय कर लिए हैं. जगह-जगह भीड़ को रोका जाएगा. इन स्थानों को चिह्नित कर लिया गया है. पूर्व में भी काशी विश्वनाथ मंदिर और अन्य दर्शन स्थलों पर क्राउड मैनेजमेंट के लिए होल्डिंग एरिया की व्यवस्था कारगर साबित हुई है. इन क्षेत्रों में आने वालों के लिए शेड और पीने के पानी के साथ मूलभूत सुविधाएं होंगी.

अयोध्या के कमिश्नर गौरव दयाल लगातार रामनवमी की तैयारी के लिए बैठक कर व्यवस्थाओं को तय कर रहे हैं. उनका कहना है कि अयोध्या प्रशासन आस-पास के ज़िलों के प्रशासन से बात कर रहा है. दर्शन के लिए आने वाले लोगों को अलग-अलग दिन दर्शन के लिए प्रेरित किया जाए और अयोध्या की सीमा पर सीमित संख्या में लोगों की आवाजाही हो. लोगों से भी अपील की जाएगी कि अलग-अलग दिन दर्शन करें. राम नवमी पर 16, 17, और 18 यानि तीन दिन तक राम मंदिर को 24 घंटे खोलने का फ़ैसला पहले ही किया जा चुका है.

जन्मभूमि पथ पर क़तारों के लिए लगेगी रेलिंग 
राम मंदिर तक जाने वाले मुख्य मार्ग 'जन्मभूमि पथ' पर काफ़ी पहले से ही श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित किया जाएगा. इसके लिए क़तारों की संख्या बढ़ाई जाएगी. कमिश्नर गौरव दयाल ने बताया कि .इसके लिए रेलिंग लगाकर व्यवस्था की जाएगी. रेलिंग लगाने का काम शुरू हो गया है. इसके अलावा दूसरे मंदिरों के महंत और ज़िम्मेदार लोगों से भी बातचीत करके अभी से प्लान बनाया जा रहा है. इसी सिलसिले में हनुमान गढ़ी के महंत जी के साथ भी बैठक हुई है. इसके अलावा स्वच्छता के लिए और मेडिकल की सुविधा भी उपलब्ध कराने की पूरी व्यवस्था तैयार की जा रही है. 

अयोध्या के होटल और होम स्टे फ़ुल
अयोध्या में होटल और होम स्टे अभी से फुल हो गए हैं. यूपी के पर्यटन विभाग के महानिदेशक मुकेश कुमार मेश्राम कहते हैं कि आदर्श आचार संहिता को देखते हुए सभी व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है. होम स्टे का बड़ी संख्या में लोगों ने पहले से रेजिस्ट्रेशन कराया था. उसका भी लोगों को लाभ मिलेगा. योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे पर इस बात को लेकर निर्देश दिए थे कि सभी दर्शनार्थियों को सुगमता से दर्शन हो सकें. लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आगमन और रुकने को देखते हुए क्राउड मैनेज करना प्रशासन के लिए भी चुनौती है.

 

 

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