बद्रीनाथ यात्रा इस वर्ष नए रिकॉर्ड बना रही है. बद्रीनाथ धाम में यात्रा ने अब तक के सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं. अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही बद्रीनाथ धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 18 लाख 67 हजार के पार पहुंच गई है. वहीं, सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में भी इस वर्ष नया रिकॉर्ड बना है और यहां श्रद्धालुओं की संख्या 3 लाख 67 हजार के पार पहुंच चुकी है. खास बात यह है कि हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने में अभी पांच दिन का समय बाकी है, जबकि बद्रीनाथ धाम की यात्रा भी अभी जारी है. ऐसे में दोनों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है.
बद्रीनाथ यात्रा के सारे रिकॉर्ड टूटे-
बद्रीनाथ धाम की यात्रा ने इस वर्ष नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. वर्ष 2023 में बद्रीनाथ धाम में सबसे अधिक जो आजतक के इतिहास की सबसे ज्यादा संख्या 18 लाख 39 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, लेकिन इस वर्ष अक्टूबर की शुरुआत में ही यह आंकड़ा पार हो गया है. अब तक 18 लाख 67 हजार से अधिक श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंच चुके हैं. लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए इस वर्ष बद्रीनाथ यात्रा के 20 लाख से अधिक के आंकड़े के पार पहुंचने की संभावना भी जताई जा रही है.
हेमकुंड साहिब में श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार-
वहीं, हेमकुंड साहिब में भी श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है. कड़ाके की ठंड और करीब 19 किलोमीटर की कठिन पैदल चढ़ाई के बावजूद श्रद्धालु लगातार हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं. इस वर्ष यहां अब तक 3 लाख 67 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. खास बात यह है कि हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने में अभी पांच दिन का समय बाकी है, ऐसे में यात्रा का समापन भी नए रिकॉर्ड के साथ होने की उम्मीद है.
पितृपक्ष में उमड़ी भीड़-
बद्रीनाथ धाम में इन दिनों पितृपक्ष के चलते भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. तप्तकुंड से लेकर ब्रह्मकपाल, मंदिर परिसर और सभा मंडप तक हर तरफ श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दे रही है. सुबह और शाम कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है. यात्रा मार्ग पर कई जगह जाम और दूसरी परेशानियों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है. बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने में अभी काफी समय बाकी है. ऐसे में आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है. अगर यात्रा की यही रफ्तार बनी रही तो बद्रीनाथ धाम इस वर्ष 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है.
प्रशासन व्यवस्था में जुटा- SDM
जोशीमठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि यात्रा को देखते हुए प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं में जुटा हुआ है. ठंड बढ़ने के साथ ही नगर पंचायत बद्रीनाथ को अलाव सहित यात्रियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. पितृपक्ष के चलते भी बद्रीनाथ धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और यात्रा लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है. वहीं, हेमकुंड साहिब की यात्रा के समापन को लेकर भी प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं.
बद्रीनाथ धाम हो या हेमकुंड साहिब, दोनों ही तीर्थस्थलों पर आस्था का सैलाब दिखाई दे रहा है. कड़ाके की ठंड, लंबा सफर और यात्रा मार्ग पर जाम जैसी चुनौतियां भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर पा रही हैं. बद्रीनाथ धाम में जहां श्रद्धालुओं की संख्या 18 लाख 67 हजार के पार पहुंच चुकी है, वहीं हेमकुंड साहिब में भी आंकड़ा 3 लाख 67 हजार से अधिक हो गया है. अब नजर इस बात पर होगी कि यात्रा के अंतिम चरण तक दोनों धाम श्रद्धालुओं की संख्या का नया रिकॉर्ड कहां तक पहुंचाते हैं.
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