हिंदू धर्म में चैत्र माह को बेहद पवित्र माना जाता है। इसी महीने से हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी होती है और इसी दौरान चैत्र नवरात्रि का नौ दिवसीय पर्व मनाया जाता है. इन नौ दिनों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, व्रत और साधना का विशेष महत्व होता है. कई श्रद्धालु इस दौरान व्रत रखते हैं और खास तरह के खानपान के नियमों का पालन करते हैं. माना जाता है कि इस समय सात्विक और हल्का भोजन करने से शरीर शुद्ध होता है और मन भी शांत रहता है. आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि के दौरान क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए.
चैत्र नवरात्रि में क्यों माने जाते हैं खानपान के नियम
चैत्र का महीना सर्दी से गर्मी के मौसम में बदलाव का समय होता है. ऐसे में शरीर को हल्के और आसानी से पचने वाले भोजन की जरूरत होती है. व्रत के दौरान सात्विक भोजन करने से शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिलती है और पाचन तंत्र भी बेहतर रहता है. सात्विक भोजन प्राकृतिक और हल्का होता है, जो शरीर में ऊर्जा बनाए रखने के साथ-साथ मन को भी शांत और सकारात्मक बनाए रखने में मदद करता है. यही कारण है कि नवरात्रि में खास खानपान के नियमों का पालन किया जाता है.
व्रत के दौरान क्या खा सकते हैं
चैत्र नवरात्रि के व्रत में आमतौर पर हल्का और प्राकृतिक भोजन खाने की सलाह दी जाती है.
फल: केला, सेब, पपीता, अनार और मौसमी फल
डेयरी प्रोडक्ट: दूध, दही, पनीर और छाछ
व्रत का आटा: कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और राजगिरा का आटा
साबूदाना: साबूदाना खिचड़ी या वड़ा के रूप में
सेंधा नमक: सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल
सूखे मेवे: बादाम, मूंगफली, काजू और मखाना
व्रत के दौरान किन चीजों से करें परहेज
नवरात्रि के व्रत में कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज करना जरूरी माना जाता है, क्योंकि इन्हें भारी या तामसिक भोजन माना जाता है.
गेहूं और चावल जैसे अनाज
प्याज और लहसुन
साधारण नमक
प्रोसेस्ड और पैकेट वाले खाद्य पदार्थ
मांस, अंडा और शराब
चैत्र नवरात्रि व्रत के स्वास्थ्य लाभ
चैत्र नवरात्रि का व्रत सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. हल्का और सात्विक भोजन करने से पाचन तंत्र बेहतर होता है, मेटाबॉलिज्म सुधरता है और शरीर को सर्दियों के भारी खानपान के बाद आराम मिलता है.
परंपरा के साथ स्वास्थ्य का भी रखें ध्यान
हालांकि व्रत के दौरान पारंपरिक नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण है, लेकिन अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है. अगर किसी को कोई बीमारी है या स्वास्थ्य संबंधी समस्या है तो सख्त व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. इस तरह सही खानपान और श्रद्धा के साथ मनाई गई चैत्र नवरात्रि न सिर्फ आध्यात्मिक शांति देती है बल्कि शरीर के लिए भी लाभदायक साबित हो सकती है.
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