Chardham Yatra पर जाने वालों के लिए अच्छी खबर, अब भक्तों को दर्शन के लिए जारी होगा टोकन, लंबी लाइन में लगने से मिलेगा छुटकारा, जानिए और डिटेल्स

Chardham yatra darshan 2023: चारधाम की यात्रा करने वालों के अच्छी खबर है. अब उन्हें लंबी-लंबी लाइनों में लगना नहीं पड़ेगा. उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद दर्शन के लिए टोकन जारी करेगा. इससे भोलेबाबा के दर्शन करने में सहूलियत होगी.

दर्शन के लिए टोकन की होगी व्यवस्था (फाइल फोटो)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 4:25 PM IST
  • 22 अप्रैल 2023 से चारधाम यात्रा होगी शुरू 
  • दर्शन के लिए हर साल लाखों भक्त जाते हैं 

चारधाम की यात्रा करने की सोच रहे हैं तो यह आपके लिए अच्छी खबर है. अब आपको दर्शन के लिए लंबी-लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा. जी हां, उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद दर्शन के लिए टोकन जारी करेगा. यह टोकन एक-एक घंटे के स्लॉट पर दिए जाएंगे, जो चार घंटे के लिए वैलिड (मान्य) होंगे. 22 अप्रैल 2023 से चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है. 

बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को होती थी अधिक परेशानी
पहले तीर्थयात्री बसों और पैदल चलकर धाम में पहुंचते थे. समय की बचत के लिए तुरंत लाइन में लग जाते थे. इससे कई तीर्थयात्रियों को परेशानी होती थी. सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को होती थी. दर्शन के लिए कई घंटे लाइन में लगने के बाद नंबर आता था. टोकन सुविधा शुरू होने बाद भक्तों को काफी राहत मिलेगी. लाइन में लगकर होने वाली कई परेशानियों से मुक्ति भी मिल जाएगी. 

इन जगहों पर टोकन की व्यवस्था
टोकन की व्यवस्था बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री में लागू होगी. टोकन मिलने के बाद तीर्थयात्री चार घंटे के अंदर दर्शन कर सकेंगे. टोकन चार घंटे के लिए मान्य होगा. इससे अधिक समय लगने पर ये रद्द हो जाएगा और आपको फिर से टोकन लेना होगा. बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में मंदिरों के प्रवेश द्वार पर पर्यटन विकास परिषद की ओर से यह टोकन दिए जाएंगे. 

राज्य सरकार बरत रही चौकसी 
पिछले साल चार धामयात्रा में जिस तरह से तीर्थयात्री उमड़े थे और शुरुआती दौर में जबरदस्त अव्यवस्था फैल गई थी, उसे देखते हुए राज्य सरकार इस बार अत्यधिक चौकसी कर रही है. स्वास्थ्य विभाग ने भी चार धामयात्रा को लेकर तीन स्तरीय व्यवस्था करने का ऐलान किया है. केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर चलने वाले घोड़े-खच्चरों के लिए रास्ता ठीक किया जा रहा है. इस बार घोड़े-खच्चरों से यात्रा करने के लिए नए नियम बनाए जा रहे हैं. पैदल मार्ग पर बीमार घोड़े-खच्चरों को ले जाने नहीं दिया जाएगा. जो भी घोड़े खच्चर इस यात्रा मार्ग में जाएंगे, उनका बीमा और स्वास्थ्य परीक्षण कराना अनिवार्य होगा.

त्रिस्तरीय चिकित्सा सुविधा
नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को त्रिस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी. यात्रा मार्गों पर 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा के साथ ही एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस व कार्डिक एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध रहेगी. इसके अलावा एम्स ऋषिकेश के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग आपातकाल में हवाई एंबुलेंस सेवा के साथ ही जीवनरक्षक दवाइयां पहुंचाने के लिए ड्रोन सेवा भी उपलब्ध कराएगा. स्वास्थ्य विभाग व मेडिकल कालेजों के विशेषज्ञ व डांक्टरों के साथ पीजी विद्यार्थियों को भी चारधाम यात्रा में तैनात किया जाएगा.

राहत आपदा नियंत्रण केंद्र बनाया जाएगा 
जोशीमठ में यात्रा के लिए स्थायी रूप से राहत आपदा नियंत्रण केंद्र बनाया जाएगा ताकि तुरंत मदद हो सके. बड़ी-बड़ी मशीनें भी तैनात रहेंगी ताकि सड़क बंद होती है तो सड़क पर दबाव न पड़े और गाड़ियां चलती रहें. वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर रहेगी ताकि दरारें बढ़ीं तो तुरंत उस पर काम किया जा सके.

 

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