छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई से इस वक्त आस्था, राष्ट्रवाद और पर्यावरण की एक ऐसी त्रिवेणी सामने आई है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर ली हैं. साल 2017 में 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' से सम्मानित हो चुके हुडको सेक्टर के महाराष्ट्र सांस्कृतिक मंडल ने इस बार एक ही पंडाल में एक 10 फीट की मुख्य गणेश भगवान की प्रतिमा के साथ 101 ईको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं की स्थापना कर एक नया कीर्तिमान रच दिया है. लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के सामाजिक संदेश को आगे बढ़ाते हुए, इस पंडाल की भव्य डिजिटल लाइटिंग और अनूठी कलाकृति को देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु डिजिटल माध्यमों और लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए जुड़ रहे हैं. आइए देखते हैं छत्तीसगढ़ के लघु भारत भिलाई से हमारे संवाददाता रघुनंदन पंडा की यह विशेष ग्राउंड रिपोर्ट.
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है नाम
भगवान गणेश के भक्तों को आस्था, श्रद्धा और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा का अनूठा संगम एक बार फिर भिलाई के हुड़को सेक्टर में देखने को मिल रहा है. महाराष्ट्र सांस्कृतिक मंडल, हुड़को की ओर से इस वर्ष श्री गणेशोत्सव का 27वां आयोजन किया जा रहा है. वर्ष 1999 में अष्टविनायक के रूप में आठ प्रतिमाओं से शुरू हुई यह परंपरा का विस्तार होते चला गया. वर्ष 2017 में 108 गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के साथ आयोजन का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ. इसके बाद से हुड़को का गणेशोत्सव भिलाई की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख आयोजन बन गया है.
क्या है खासियत
इस उत्सव की खासियत केवल प्रतिमाओं की संख्या नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाएं भी हैं. कई लोग अपने दिवंगत परिजनों की स्मृति में गणेश प्रतिमा स्थापित करते हैं, तो कुछ परिवार, विवाह वर्षगांठ, बच्चों के जन्मदिन अथवा अन्य विशेष अवसरों को यादगार बनाने के लिए गणपति की स्थापना करते हैं. इस तरह गणेशोत्सव पिछले 27 वर्षों से आस्था के साथ पारिवारिक भावनाओं को भी जोड़ रहा है. इस वर्ष पंडाल को मंदिर का स्वरूप दिया गया है. मुख्य गणेश प्रतिमा के दोनों ओर 50-50 प्रतिमाएं विराजित हुई है. कुल 101 प्रतिमाओं के अलग-अलग स्वरूप दर्शनार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र देखने को मिल रहा है. पंडाल के भीतर साज-सज्जा और प्रकाश व्यवस्था को भी आकर्षक रूप दिया जा रहा है. गणेश भगवान का दर्शन करने आईं महिला भक्तो श्रद्वा कश्यप ने बताया कि हर वर्ष की तरह मैं महाराष्ट्र सांस्कृतिक मंडल, हुड़को भिलाई आई हूं. मैंने अपनी मम्मी के नाम से गणेश भगवाम को बैठाया है. सबसे बड़ी बात है भिलाई को मिनी इंडिया के नाम से जाना जाता है. इस पंडाल की सभी मूर्तियां इको फ्रेंडली हैं. डॉक्टर अमित नायक ने भी कहा कि यहां गणेश उत्सव में भगवान गणेश की मूर्ति इको फ्रेंडली है.
101 मूर्ति इको फ्रेंडली
महाराष्ट्र सांस्कृतिक मंडल (हुड़को भिलाई) के अध्यक्ष ने बताया कि हमारी संस्था का 27 वर्ष है. भिलाई को मिनी इंडिया कहा जाता है. बाल गंगा धर के द्वारा गणेश प्रतिमा को स्थापित करने की शुरुआत की गई है. हम लोगों ने इस बार 101 मूर्ति इको फ्रेंडली स्थापित की है. हमको गोल्डन बुक के द्वारा 108 गणेश मूर्ति की स्थापित करने पर मिला है. देश-विदेश के भक्तों की ओर से मूर्तियां दी जाती हैं. 3 फीट की 101 मूर्ति है और 10 फीट की मुख्य इको फ्रेंडली मूर्ति है. संस्था द्वारा रक्त दान शिविर किया जाएगा.