Grahan 2026: इस साल कितने सूर्य और चंद्र ग्रहण लगेंगे, यहां देखें Solar-Lunar Eclipse की पूरी लिस्ट, Dates और समय

Eclipse 2026: हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण को अशुभ माना जाता है. ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्य नहीं किया जाता है. इस दौरान भोजन ग्रहण करने से भी परहेज किया जाता है. आइए जानते हैं साल 2026 में कब-कब सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण लगेंगे.

Eclipse 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 10 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:05 PM IST

नया साल 2026 शुरू हो गया. नववर्ष का पहला महीना जनवरी चल रहा है. लोग जानना चाह रहे हैं कि इस साल कितने ग्रहण लगेंगे. पहला सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण कब लगेगा, क्या यह भारत में दिखेगा, दिखेगा तो समय क्या होगा? आज हम इन्हीं सवालों का जवाब दे रहे हैं.

विज्ञान के मुताबिक जहां ग्रहण एक खगोलीय घटना है तो वहीं हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दोनों को अशुभ माना जाता है. ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्य नहीं किया जाता है. इस दौरान भोजन ग्रहण करने से भी परहेज किया जाता है. नुकीली या धारदार चीजों का प्रयोग नहीं किया जाता है. ग्रहण के दौरान यात्रा करने से भी बचा जाता है. ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखनी चाहिए. साल 2026 में कुल चार ग्रहण लगेंगे. इसमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल है. 

क्यों लगता है सूर्यग्रहण
सूर्य के चारों ओर पृथ्वी 365 दिनों में एक चक्कर लगाती है. चंद्रमा पृथ्वी का एक उपग्रह है. पृथ्वी के चारों ओर एक चक्कर लगाने में चंद्रमा को 27 दिन लगते हैं. चंद्रमा के चक्कर लगाने के दौरान कई बार चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तो सूर्य की रोशनी धरती तक नहीं पहुंच पाती है. इसे ही सूर्यग्रहण कहा जाता है. हिंदू कैलेंडर के मुताबिक सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन ही लगता है.

क्या होता है चंद्र ग्रहण 
चंद्र ग्रहण तब लगता है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है. इस स्थिति में सूर्य की रोशनी सीधे चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है. यही घटना हमें चंद्र ग्रहण के रूप में दिखाई देती है. चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन ही लगता है. कारण यह है कि पूर्णिमा पर चंद्रमा सूर्य के ठीक सामने (पृथ्वी के दूसरी ओर) होता है. लेकिन हर पूर्णिमा पर ग्रहण नहीं लगता. इसकी वजह यह है कि चंद्रमा की परिक्रमा कक्षा पृथ्वी की कक्षा (जिसे क्रांतिवृत्त कहते हैं) से लगभग 5 डिग्री झुकी हुई है. इसी कारण चंद्रमा अक्सर पृथ्वी की छाया से थोड़ा ऊपर या नीचे निकल जाता है. चंद्र ग्रहण तभी लगता है जब पूर्णिमा के समय सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीधी रेखा में आ जाएं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश करे.

फरवरी 2026 में लगेगा पहला सूर्य ग्रहण 
साल 2026 में पहला ग्रहण फरवरी महीने में लगेगा. यह ग्रहण 17 फरवरी को लगेगा, जो सूर्य ग्रहण होगा. यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा. यह सूर्य ग्रहण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका, साउथ अमेरिका, पश्चिम एशिया, दक्षिण-पश्चिम एशिया और अटलांटिक रीजन में दिखाई देगा. यह सूर्य ग्रहण वलयाकार यानी कंगन के आकार में दिखाई देगा. आपको मालूम हो कि वलयाकार ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा बहुत दूर रहते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच में आता है. ऐसी स्थिति में चंद्रमा में सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता बल्कि सूर्य के मध्य भाग को ही ढक पाता है. ऐसे में सूर्य का बाहरी क्षेत्र प्रकाशित होने के कारण वह कंगन यानी वलय के रूप में चमकता दिखाई देता है. ऐसे सूर्य ग्रहण को वलयाकार ग्रहण कहते हैं.

मार्च 2026 में लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण
साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण मार्च में लगेगा. दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा. यह सूर्य ग्रहण भी वलयाकार होगा. यह सूर्य ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा. ऐसे में सूतक काल मान्य नहीं होगा.  यह सूर्य ग्रहण, अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अर्जेंटीना, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, आर्कटिक क्षेत्र, रूस और पुर्तगाल में दिखाई देगा.

मार्च में लगेगा साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण मार्च में लगेगा. यह चंद्र ग्रहण होली के दिन 3 मार्च को लगेगा. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण (ब्लड मून) होगा. यह चंद्र ग्रहण भारत, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तर और दक्षिण अमेरिका में दिखाई देगा. भारत में चंद्र ग्रहण दिखने के कारण सूतक काल मान्य होगा. सूतक काल ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले शुरू हो जाएगा. यह ग्रहण शाम में 6:26 बजे से 6: 46 तक लगेगा. 

अगस्त में लगेगा साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण 
साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण अगस्त में लगेगा. 28 अगस्त 2026 को दूसरा चंद्र ग्रहण लगेगा. यह 2026 का आखिरी ग्रहण होगा. भारत में यह चंद्र ग्रहण नहीं दिखेगा इसलिए सूतक नहीं लगेगा. यह चंद्र ग्रहण यूरोप, अफ्रीका, उत्तर अमेरिका, साउथ अमेरिका में दिखाई देगा. 


 

Read more!

RECOMMENDED