हिंदू धर्म में एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित सबसे पवित्र व्रत माना जाता है. यह व्रत हिंदू चंद्र महीने के अनुसार हर 11वीं तिथि को पड़ता है. इस दिन व्रत और दान का विशेष महत्व होता है. पौराणिक और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टिकोण से यह व्रत मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करने का प्रभावी माध्यम माना जाता है. आइए जानते हैं, साल 2026 में कब-कब एकादशी पड़ेगी, व्रत का सही समय क्या रहेगा और इसका महत्व क्या है.
14 जनवरी 2026- षटतिला एकादशी
13 जनवरी को शाम 3:17 बजे तिथि शुरू होगी और 14 जनवरी को शाम 5:52 बजे समाप्त होगी. यह साल की पहली एकादशी है, जिसका शुभ फल 14 जनवरी को व्रत रखने से प्राप्त होगा. इस दिन व्रत करने से मन और आत्मा को शांति मिलती है, साथ ही शरीर और दिमाग में स्वच्छता आती है.
29 जनवरी 2026- जया एकादशी
28 जनवरी को शाम 4:32 बजे तिथि की शुरुआत होगी और 29 जनवरी को दोपहर 1:52 बजे एकादशी का समापन होगा. इस आधार पर व्रत रखने की सही तिथि 29 जनवरी है.
फरवरी 2026- विजया एकादशी
इस महीने की पहली एकादशी 13 फरवरी को पड़ेगी. परिश्रम करने वालों के लिए यह व्रत, फलकारी है. इस दिन व्रत करके भगवान विष्णु का पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है.
27 फरवरी 2026- आमलकी एकादशी
यह महीने की दूसरी और महत्वपूर्ण एकादशी है. इस व्रत को फलाहार या निर्जला रखने से अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है.
15 मार्च 2026- पापमोचनी एकादशी
यह एकादशी मन, शरीर और आत्मा को पापों से मुक्त कर मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाती है.
29 मार्च 2026- कामदा एकादशी
इस एकादशी का भी विशेष महत्व है. इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है.
13 अप्रैल 2026- वरुथिनी एकादशी
यह एकादशी कृष्ण पक्ष में पड़ती है और अत्यंत शुभ मानी जाती है. इस दिन व्रत और दान का विशेष महत्व होता है.
27 अप्रैल 2026- मोहिनी एकादशी
इस एकादशी में व्रत और भक्ति करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. यह शुक्ल पक्ष की एकादशी है.
मई, जून और जुलाई 2026 की एकादशियां
8 अगस्त 2026- पुत्रदा एकादशी
संतान सुख की कामना करने वालों के लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है.
23 अगस्त 2026- अजा एकादशी
इस दिन व्रत रखने से पापों से मुक्ति मिलती है. भगवान विष्णु और तुलसी माता की पूजा विशेष फल देती है.
6 सितंबर 2026- परिवर्तिनी एकादशी
इस दिन भगवान विष्णु करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है. दान-पुण्य के लिए यह दिन शुभ माना जाता है.
21 सितंबर 2026- इंदिरा एकादशी
यह एकादशी पितरों को समर्पित होती है. इस दिन व्रत और पूजा करने से पितरों को शांति मिलती है.
5 अक्टूबर 2026- पापांकुशा एकादशी
इस एकादशी व्रत से बड़े-बड़े पाप भी नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष का मार्ग खुलता है.
20 अक्टूबर 2026- रमा एकादशी
दीपावली से पहले आने वाली यह एकादशी धन, सुख और वैभव देने वाली मानी जाती है.
3 नवंबर 2026- देवउठनी एकादशी
इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और शुभ कार्यों की शुरुआत होती है.
18 नवंबर 2026- उत्पन्ना एकादशी
इसे एकादशी माता का प्राकट्य दिवस माना जाता है. इस व्रत से भय और कष्ट दूर होते हैं.
3 दिसंबर 2026- मोक्षदा एकादशी
इस व्रत से मोक्ष की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि गीता उपदेश भी इसी दिन से जुड़े हैं.
18 दिसंबर 2026- सफला एकादशी
साल की अंतिम एकादशी. इस व्रत से जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं और युवाओं के लिए यह विशेष शुभ मानी जाती है.
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