गणेश चतुर्थी पर लोग भगवान गणेश की मूर्ति घर लाकर पूजा करते हैं. गणपति बप्पा को विघ्नहर्ता माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि उनकी पूजा से घर में सुख, शांति और खुशहाली बनी रहती है. अगर आप भी इस बार घर में गणेश जी की मूर्ति लाने की सोच रहे हैं, तो मूर्ति खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है.
वास्तु की मान्यताओं के अनुसार घर में गणेश जी की बैठी हुई मुद्रा वाली मूर्ति रखना अच्छा माना जाता है. ऐसी प्रतिमा में गणपति शांत और प्रसन्न दिखाई देते हैं. इसे घर में स्थिरता और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए पूजा के लिए मूर्ति लेते समय बैठी हुई मुद्रा वाली प्रतिमा को पसंद किया जा सकता है.
गणेश जी की मूर्ति खरीदते समय उनकी सूंड की दिशा पर भी ध्यान दिया जाता है. आम मान्यता के अनुसार घर में पूजा के लिए बाईं ओर मुड़ी सूंड वाली गणेश जी की मूर्ति रखना आसान माना जाता है. वहीं दाईं ओर मुड़ी सूंड वाली प्रतिमा की पूजा में कुछ खास नियम बताए जाते हैं. अगर आप पहली बार गणपति की स्थापना कर रहे हैं, तो ऐसी मूर्ति लेना बेहतर है जिसकी पूजा की विधि आपको अच्छी तरह पता हो.
घर में गणेश जी की मूर्ति रखने के लिए पश्चिम, उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ बताया गया है. पूजा की जगह तय करते समय इन दिशाओं का ध्यान रखा जा सकता है. साथ ही मूर्ति को साफ और सम्मान वाली जगह पर रखना चाहिए.
गणेश जी की मूर्ति लेते समय उनके चेहरे के भाव भी देखे जा सकते हैं. शांत और प्रसन्न चेहरे वाली मूर्ति घर के पूजा स्थान के लिए अच्छी मानी जाती है. मान्यता है कि गणपति का मुस्कुराता हुआ रूप पॉजिटिविटी का प्रतीक है. इसलिए ऐसी प्रतिमा चुनें जिसे देखकर मन में श्रद्धा और शांति का भाव आए.