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Ganesh Chaturthi Famous Ganesh Temples 2026: देश के इन 5 गणेश मंदिरों में दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएं, होती है भव्य पूजा, जानें इनकी खास मान्यताएं

Ganesh Chaturthi Famous Ganesh Temples 2026: देश के अलग-अलग हिस्सों में गणेश चतुर्थी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. अगर आप इस गणेश चतुर्थी को यादगार बनाना चाहते हैं, तो देश के इन प्रसिद्ध गणेश मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं.

Ganesh Temple
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 13 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:39 AM IST

14 सितंबर को देशभर में गणेश चतुर्थी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा. ढोल-नगाड़ों की थाप, फूलों की सजावट और 'गणपति बप्पा मोरया' के जयघोष के बीच घरों और पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी. वैसे तो गणेश चतुर्थी का उत्सव महाराष्ट्र में खास तौर पर प्रसिद्ध है, लेकिन अब देश के अलग-अलग हिस्सों में भी यह त्यौहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. अगर आप इस गणेश चतुर्थी को यादगार बनाना चाहते हैं, तो देश के इन प्रसिद्ध गणेश मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं.

सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई
मुंबई के प्रभादेवी में स्थित सिद्धिविनायक मंदिर भगवान गणेश के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में शामिल है. गणेश चतुर्थी के दौरान यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं. विशेष पूजा, मंत्रोच्चार और महाआरती का आयोजन होता है. यहां भगवान गणेश की मूर्ति की सूंड दाईं ओर झुकी हुई है. मूर्ति के चार हाथ हैं और हाथों में कमल, कुल्हाड़ी, माला और मोदक का कटोरा है. मोदक को भगवान गणेश का प्रिय भोग माना जाता है.

दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर, पुणे
पुणे का श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर गणेश उत्सव की भव्यता के लिए दुनियाभर में जाना जाता है. हर साल यहां खास झांकी सजाई जाती है. इस साल वृंदावन के प्रसिद्ध प्रेम मंदिर की प्रतिकृति आकर्षण का केंद्र होगी. गणेश उत्सव के दौरान मंदिर लंबे समय तक भक्तों के लिए खुला रहता है. इस मंदिर का इतिहास भी काफी खास है. इसे दगडूशेठ हलवाई और उनकी पत्नी लक्ष्मीबाई ने अपने बेटे की मृत्यु के बाद भगवान गणेश की भक्ति के लिए स्थापित किया था.

रणथंभौर गणेश मंदिर, राजस्थान
सवाई माधोपुर के ऐतिहासिक रणथंभौर किले में स्थित यह मंदिर गणेश चतुर्थी पर लगने वाले विशाल लक्खी मेले के लिए प्रसिद्ध है. यहां भगवान गणेश त्रिनेत्र रूप में विराजमान हैं. खास बात यह है कि गणेश जी को यहां रिद्धि-सिद्धि, शुभ-लाभ और मूषक के साथ पूजा जाता है. मान्यता है कि मंदिर की मूर्ति स्वयंभू है.

कनिपकम विनायक मंदिर, आंध्र प्रदेश
चित्तूर स्थित कनिपकम विनायक मंदिर में गणेश चतुर्थी से 20 दिनों तक चलने वाले ब्रह्मोत्सव की शुरुआत होती है. इस दौरान भगवान गणेश की उत्सवमूर्ति को अलग-अलग पारंपरिक वाहनों पर सजाकर शोभायात्रा निकाली जाती है. मान्यता है कि यहां भगवान गणेश की स्वयंभू मूर्ति का आकार लगातार बढ़ रहा है. मंदिर को विवादों को सुलझाने और सत्य की परख के लिए भी खास माना जाता है.

अष्टविनायक मंदिर, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र की अष्टविनायक यात्रा भगवान गणेश के आठ पवित्र मंदिरों के दर्शन से जुड़ी है. इसमें मोरेश्वर, सिद्धिविनायक, बल्लालेश्वर, वरदविनायक, चिंतामणि, गिरिजात्मज, विघ्नेश्वर और महागणपति मंदिर शामिल हैं. गणेश उत्सव के दौरान इन सभी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. मान्यता है कि अष्टविनायक के दर्शन करने से भगवान गणेश की कृपा मिलती है और जीवन के विघ्न दूर होते हैं.

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