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Saharanpur News: 1114 साल पुरानी गोगा म्हाड़ी मेले का शुभारंभ 21 सितंबर से, ढोल-नगाड़ों के साथ निकली 26 छड़ियों की भव्य शोभायात्रा, जयकारों से गूंजा सहारनपुर शहर

इस साल 21 सितंबर 2026 से तीन दिवसीय गोगा म्हाड़ी मेले का शुभारंभ होगा. इससे पहले सहारनपुर में ढोल-नगाड़ों के साथ 26 छड़ियों की भव्य शोभायात्रा निकाली गई है. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा में शामिल होकर छड़ियों के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया.

Goga Mhadi Fair begins on September 21
राहुल कुमार
  • सहारनपुर,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:16 PM IST

सहारनपुर में मंगलवार को श्री गोगा म्हाड़ी सुधार सभा अध्यक्ष संस्था की ओर से 26 छड़ियों की भव्य शोभायात्रा निकाली गई. शोभायात्रा मंडी समिति स्थित मंदिर से बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों के साथ शुरू हुई और चिलकाना रोड से होते हुए वर्धमान कॉलोनी पहुंची. यहां देर रात करीब एक बजे तक धार्मिक अनुष्ठान, पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा में शामिल होकर छड़ियों के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया.

सभी छड़ियों का हो चुका है शृंगार 
संस्था के अध्यक्ष अनिल प्रताप सैनी ने बताया कि 26 छड़ियों के शृंगार की परंपरा के तहत इस बार सभी छड़ियों का शृंगार 6 सितंबर को पूरा हो चुका है. इसके बाद छड़ियों को सहारनपुर शहर के अलग-अलग इलाकों में भ्रमण कराया जा रहा है. हर छड़ी के शृंगार पर संबंधित श्रद्धालु परिवार की ओर से करीब दो से तीन लाख रुपए तक खर्च किए जाते हैं.

श्री गोगा जी महाराज को उत्तर भारत में जाहरवीर गोगा जी के नाम से भी श्रद्धा के साथ पूजा जाता है. संस्था के अनुसार, सहारनपुर में गोगा म्हाड़ी मेले की परंपरा करीब 1114 साल पुरानी बताई जाती है. मान्यता है कि जाहरवीर गोगा जी का संबंध सहारनपुर के सरसावा क्षेत्र से रहा है और उनकी ननिहाल भी इसी क्षेत्र में बताई जाती है. स्थानीय धार्मिक परंपरा में यह भी माना जाता है कि गोगा जी सहारनपुर आए थे और यहां अपना भाला प्रदान किया था. इसी परंपरा से 26 छड़ियों के धार्मिक आयोजन की शुरुआत मानी जाती है.

मेले में 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद 
आयोजकों के मुताबिक, इस वर्ष 21 सितंबर 2026 से तीन दिवसीय गोगा म्हाड़ी मेला शुरू होगा. मेले के दौरान सभी 26 छड़ियां विशेष शृंगार के साथ म्हाड़ी स्थल पर पहुंचेंगी और विधि-विधान से स्थापित की जाएंगी. 21 और 22 सितंबर को श्रद्धालु छड़ियों के दर्शन और पूजन करेंगे, जबकि 23 सितंबर की सुबह छड़ियां वहां से वापस रवाना होंगी. मेले में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. आयोजकों का अनुमान है कि मेले में करीब 10 से 15 लाख श्रद्धालु पहुंच सकते हैं और बड़ी संख्या में लोग छड़ियों के दर्शन कर मन्नत मांगेंगे.

अनिल प्रताप सैनी ने बताया कि मैं श्री गोगा म्हड़ी सुधार सभा का अध्यक्ष हूं, जो की 26 छड़ियों की संस्था है. मंगलवार को श्री गोगा म्हड़ी सुधार सभा के सौजन्य से बैंड बाजा और ढोल नगाड़ों के साथ 26 छड़ियों की शोभायात्रा मंडी समिति पर मौजूद मंदिर से लेकर चिलकाना रोड से होते हुए वर्धमान कॉलोनी में पहुंची है. आने वाली 21 सितंबर में मेले का आयोजन होने जा रहा है. सभी छड़ियों 21 से 22 सितंबर तक यहीं रहेगी और 23 सितंबर को सुबह वहां से सभी छड़ियां निकलेगी. इस मेले का इतिहास 1114 साल पुराना है. जाहरवीर गोगा जी महाराज का ननिहाल यही सरसावा में है. एक बार वह सहारनपुर में भी आए और उन्होंने अपना भाला दिया था सनातन धर्म के प्रचार के लिए. गोगा म्हाड़ी मेले में हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश सहित दूर-दूर से लोग प्रसाद चढ़ाने के लिए आते हैं.

 

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