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Guru Gochar 2025: 18 अक्टूबर को होगा गुरु का महागोचर, कर्क-कन्या की होगी बल्ले-बल्ले, सिंह राशि वाले रहें सावधान, हर समस्या के समाधान के लिए करें ये अचूक उपाय 

Jupiter Transit in Cancer: गुरु का महागोचर 18 अक्टूबर 2025 को होगा. गुरु बृहस्पति देव मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. गुरु के गोचर से कर्क और कन्या राशि वालों की किस्मत चमकेगी. इस दौरान सिंह राशि वाले लोगों को सावधान रहना होगा. 

Brihaspati Grah
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 16 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 5:59 PM IST

देवताओं के गुरु बृहस्पति देव हैं. बृहस्पति को ग्रहों में गुरु कहा जाता है. बृहस्पति का प्रभाव यदि जीवन पर हो तो व्यक्ति बहुत ज्ञानी और गंभीर हो जाता है. बृहस्पति आयु को, धर्म को और ज्ञान को प्रभावित करते हैं. इससे जीवन में व्यक्ति को मान-सम्मान मिलता है, प्रतिष्ठा मिलती है और दर्शन प्राप्त होता है. गुरु का महागोचर 18 अक्टूबर 2025 को हो रहा है.

वह मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. यह गोचर धनतेरस के दिन होगा और गुरु लगभग 49 दिनों तक कर्क राशि में रहेंगे, जिसके बाद 4 दिसंबर 2025 को वक्री अवस्था में फिर से मिथुन राशि में लौट जाएंगे. गुरु के गोचर से कर्क और कन्या राशि वालों की किस्मत चमकेगी. इस दौरान सिंह राशि वाले लोगों को सावधान रहना होगा. 

विद्यार्थियों के लिए उपाय
गुरु के उच्च स्थिति में आने से विद्यार्थियों के लिए विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का समय शुभ है. विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि ओम गुर्वे नमः का जाप करें और हल्दी की गांठ श्री हरी विष्णु के मंदिर में चढ़ाएं. यह उपाय विद्यार्थियों को सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा.

कर्क राशि के लिए शुभ संकेत
कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु का लग्न में प्रवेश अत्यंत शुभ है. इस दौरान संतान सुख, विद्या में सफलता और विवाह के योग बनेंगे. विशेषज्ञों ने पोखराज पहनने और चंदनयुक्त दूध का सेवन करने की सलाह दी. यह उपाय भाग्य को मजबूत करेगा और जीवन में सुखद अनुभव लाएगा.

सिंह राशि के लिए गुरु का गोचर
सिंह राशि के जातकों के बारहवें भाव में गुरु का गोचर खर्चों में वृद्धि का संकेत देता है. हालांकि, विदेश यात्राओं और एमएनसी से लाभकारी स्थितियां बन सकती हैं. विशेषज्ञों ने हल्दी वारकर पीपल के पेड़ के नीचे डालने और पीले वस्त्र दान करने का सुझाव दिया. यह उपाय नकारात्मकता को दूर करेगा.

कन्या राशि के लिए सकारात्मक बदलाव
कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु का एकादश भाव में गोचर अत्यंत शुभ है. प्रॉपर्टी, शेयर मार्केट और संतान सुख में वृद्धि होगी. विवाह के योग भी बनेंगे. विशेषज्ञों ने गुरु यंत्र की स्थापना और केसरयुक्त चंदन लगाने की सलाह दी. यह उपाय जीवन में सकारात्मकता लाएगा.

अध्यात्म और मानवता का जागरण
गुरु के उच्च स्थिति में आने से अध्यात्म और मानवता का जागरण होगा. विशेषज्ञों ने बताया कि गुरु का यह परिवर्तन लोगों के हृदय में प्रेम, कोमलता और धार्मिकता को बढ़ावा देगा. उन्होंने विष्णु चालीसा और नारायण कवच का पाठ करने की सलाह दी. यह उपाय विवाह और जीवन की अन्य समस्याओं को हल करने में मदद करेगा.

विवाह के लिए अचूक उपाय
गुरु के परिवर्तन से विवाह में आने वाली समस्याओं का समाधान संभव है. विशेषज्ञों ने बृहस्पतिवार के दिन व्रत रखने और गुड़-चने का भोग लगाने की सलाह दी. विष्णु जी की पूजा और पीला चंदन लगाने से विवाह की बाधाएं दूर होंगी. गुरु के इस परिवर्तन से जीवन के विभिन्न पहलुओं में सकारात्मक बदलाव की संभावना है. 

बृहस्पति को मजबूत करने के उपाय
1. यदि बृहस्पति को अनुकूल करना चाहते हैं तो सिर्फ सात्विक आहार ग्रहण करिए.
2. मांस-मदिरा का प्रयोग करना बंद कर दीजिए.
3. भोजन करने से पहले हाथ जोड़ करके प्रार्थना करिए. भगवान की कृपा के लिए आभार व्यक्त करिए.
4. भोजन में बेसन जरूर खाएं और भोजन के साथ या भोजन के बाद थोड़ा सा मीठा भी खाएं.
5. पीले फल का और केसर का प्रयोग करें.
6. भोजन करने के पहले प्रभु को भोजन का भोग लगाएं और इसके बाद भोजन ग्रहण करें.

 

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