Hanuman Jayanti 2026: हनुमान गढ़ी से लेकर सालासर बालाजी तक... ये हैं बजरंगबली के प्रसिद्ध मंदिर, यहां भक्तों की हर मनोकामना होती है पूरी 

Hanuman Mandir: आज पूरे देश में धूमधाम से हनुमान जयंती मनाई जा रही है. हनुमान जी चिंरजीवी हैं. बजरंगबली अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं. हम आपको हनुमान जन्मोत्सव पर बजरंग बली के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बता रहे हैं. यहां आप दर्शन और पूजन करने जरूर जाइए. 

Hanuman Mandir
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:33 AM IST

Worship of Hanuman Ji: 2 अप्रैल 2026 को पूरे देश में हनुमान जन्मोत्सव, जिसे हनुमान जयंती भी कहा जा रहा है धूमधाम से मनाया जा रहा है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी भगवान शिव के अंश हैं. भोलेनाथ के 11वें रुद्र अवतार बजरंगबली हैं. हनुमान जी को चिंरजीवी होने का वरदान प्राप्त है.

ऐसी धार्मिक मान्यता है बजरंगबली कलयुग में भी धरती पर विराजमान हैं. कहा जाता है कि जहां कहीं भी प्रभु श्रीराम का नाम लिया जाता है या अखंड रामायण का पाठ होता है, वहां पर हनुमान जी उसे सुनने के लिए पहुंच जाते हैं. हम आपको हनुमान जन्मोत्सव पर बजरंग बली के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बता रहे हैं. यहां आप दर्शन और पूजन करने जरूर जाइए. हनुमान जी की मंगलवार और शनिवार को आराधना करने से भक्त पर उनकी विशेष कृपा बरसती है. कहते हैं जो संकट कोई न टाले, वो भी संकटमोचन हनुमान जी टाल देते हैं. 

1. हनुमानगढ़ी, अयोध्या
भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या में हनुमानगढ़ी मंदिर स्थित है. यह 10वीं शताब्दी का मंदिर है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि अयोध्या आने के बाद भक्तों को सबसे पहले  हनुमानगढ़ी में जाकर हनुमान जी के दर्शन करने चाहिए. इसके बाद राम मंदिर जाना चाहिए. हनुमान जी का यह मंदिर किले नुमा गुफा मंदिर है. यह सरयु तट पर एक ऊंचे टीले पर स्थित है. 76 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर में हनुमान जी के बाल स्वरूप के दर्शन किए जा सकते हैं. 

2. लेटे हनुमान जी का मंदिर, प्रयागराज 
प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के पास लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर है. इसे बड़े हनुमान जी भी कहते हैं. इस मंदिर में बजरंगबली की 20 फीट लंबी मूर्ति लेटी हुई मुद्रा में है. यहां हनुमान जी को प्रयागराज का कोतवाल भी कहा जाता है. ऐसी धार्मिक कथा है कि लंका विजय के बाद हनुमान जी ने माता सीता के कहने पर संगम तट पर विश्राम  किया था. इस मंदिर का इतिहास 600-700 साल पुराना बताया जाता है. यह मंदिर  संगम के पास अकबर किले के बगल में स्थित है.

3. संकट मोचन हनुमान मंदिर, काशी
महादेव की नगरी काशी में संकट मोचन हनुमान मंदिर स्थित है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि तुलसीदास जी को यहां हनुमान जी के दर्शन हुए थे. ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में पूजा-अर्चना करने से भक्त के सभी दुख-दर्द दूर हो जाते हैं. 

4. संकट मोचन हनुमान मंदिर, दिल्ली
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर की महिमा अपरंपार है. इस मंदिर में संत तुलसीदास ने हनुमान चालीसा की रचना की थी. मंदिर में 24 घंटे राम नाम का जाप होता है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस मंदिर का इतिहास पांडवों के समय से जुड़ा हुआ है. इस मंदिर का निर्माण पांडवों ने कराया था. मान्यता है कि इंद्रप्रस्थ में पांडवों के साथ भगवान कृष्ण ने भी यहां रूद्रावतार भगवान महावीर की अराधना की थी. इस मंदिर को राजा जयसिंह ने आधुनिक युग में बनवाया था. यहां आने वाले भक्तों का विश्वास है कि हनुमान जी उनकी सभी समस्याओं का समाधान करते हैं. इस मंदिर में हनुमान जी का दक्षिण मुखी बाल स्वरूप है. यहां 1964 से राम नाम का जाप हो रहा है, जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है. 

5. महावीर मंदिर, पटना 
बिहार की राजधानी पटना में स्थित महावीर मंदिर काफी प्रसिद्ध है. यह मंदिर पटना रेलवे स्टेशन के पास स्थित है. इस मंदिर में हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. हनुमान जी के भक्तों का विश्वास है कि इस मंदिर में पूजा-अर्चना करने से उनके जीवन में खुशहाली आती है. 

6. सालासर बालाजी मंदिर, राजस्थान
राजस्थान के चूरू जिले में स्थित सालासर बालाजी मंदिर में देश-दुनिया से श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं. इसे विश्व प्रसिद्ध जागृत धाम माना जाता है. यहां हनुमान जी की प्रतिमा का स्वरूप दाढ़ी-मूंछ वाला है. ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में 300 साल पहले प्रज्ज्वलित की गई अखंड धूणा आज भी जल रही है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि यहां नारियल चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

7. मेहंदीपुर बालाजी, राजस्थान
राजस्थान के दौसा जिले में स्थित मेहंदीपुर बालाजी का मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है. यहां हनुमान जी बाल रूप में विराजमान है. यहां हनुमान जी की पूजा भूत-प्रेत बाधा, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक परेशानियों से मुक्ति के लिए की जाती है. मेहंदीपुर बालाजी में हनुमान जी के साथ ही भैरव बाबा की भी पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि यहां के दिव्य स्वरूप की स्थापना खुद बजरंगबली जी ने की और मंदिर के वर्तमान महंत के पूर्वजों को स्वप्न में दर्शन देकर इस स्थान के बारे में बताया, जिसके बाद मंदिर का निर्माण हुआ. 

8. जाखू मंदिर, शिमला
शिमला में प्रसिद्ध हनुमान मंदिर जाखू पहाड़ी पर स्थित है. यहां 108 फीट ऊंची हनुमान जी की प्रतिमा स्थित है. इस मंदिर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा है. कहा जाता है कि संजीवनी खोजते समय हनुमान जी ने इसी स्थान पर विश्राम किया था. हनुमान जी ने यहां जब पैर रखा तो पहाड़ी चपटी हो गई थी. एक दूसरी मान्यता ये भी है कि याक ऋषि ने यहां तपस्या की थी, इसलिए इस स्थान का नाम याक-शू या जाखू पड़ा.

9. कष्टभंजन हनुमान, गुजरात
 गुजरात के सारंगपुर में कष्टभंजन हनुमान मंदिर स्थित है. यह स्वामीनारायण संप्रदाय का मुख्य मंदिर है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि यहां हनुमान जी भक्तों के दुखों को दूर करते हैं.


 

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