हरिद्वार में श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े की पवित्र दशनामी छड़ी यात्रा का शुभारंभ हो गया है. जूना अखाड़े में स्थित हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी मां माया देवी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद जयघोष के बीच यात्रा रवाना हुई. आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने मंदिर से छड़ी यात्रा का शुभारंभ किया. इस मौके पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, मेलाधिकारी सोनिका और अपर मेलाधिकारी दयानंद भी मौजूद रहे. यात्रा उत्तराखंड के चारों धाम और विभिन्न मंदिरों से होते हुए ओम पर्वत तक जाएगी. इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के पौराणिक तीर्थ स्थलों का विकास करना, तीर्थाटन को बढ़ावा देना और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन को रोकना है.
मां माया देवी और भैरव मंदिर में हुई पूजा-अर्चना
छड़ी यात्रा रवाना होने से पहले मां माया देवी मंदिर और भैरव मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा की गई. जूना अखाड़े के साधु-संत पिछले सात वर्षों से उत्तराखंड के चारों धाम और विभिन्न मंदिरों के भ्रमण के लिए यह यात्रा निकाल रहे हैं. यात्रा के माध्यम से उत्तराखंड के धार्मिक और पौराणिक स्थलों के विकास के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों की एकता और उन्नति का संदेश भी दिया जा रहा है.
कुंभ मेले के सकुशल आयोजन के लिए की गई प्रार्थना
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि छड़ी यात्रा का आरंभिक पूजन हरिगिरि महाराज, प्रेमगिरि महाराज, मेला अधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और अपर मेलाधिकारी दयानंद सहित अन्य लोगों की मौजूदगी में हुआ. उन्होंने कहा कि यह छड़ी उत्तराखंड जाएगी. इसका उद्देश्य गढ़वाल और कुमाऊं की एकता के साथ पर्वतीय क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पूरे विश्व की आध्यात्मिक राजधानी है. राज्य का उत्कर्ष, उन्नयन और उत्थान हो, यही कामना है. आने वाले कुंभ मेले के सकुशल संपन्न होने के लिए भी प्रार्थना की गई है.
जिलाधिकारी बोले- सभी के सहयोग से सफल हो यात्रा
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि मां माया देवी मंदिर के पावन प्रांगण में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद छड़ी यात्रा रवाना की गई. उन्होंने कहा कि इस अवसर पर शामिल होने का मौका मिला और सभी के आशीर्वाद व सहयोग से यात्रा सफल हो, इसी कामना के साथ पूजा की गई. जिलाधिकारी ने सभी साधु-संतों को प्रणाम करते हुए उनका आशीर्वाद बनाए रखने की कामना की. उन्होंने आने वाले कुंभ मेले का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिर में उसके आयोजन को लेकर भी प्रार्थना की गई है.
ओम पर्वत तक सड़क और विकास कार्यों को लेकर जताई उम्मीद
जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि महाराज ने कहा कि छड़ी यात्रा शुरू होने के बाद से क्षेत्र में सड़क और अन्य विकास कार्य आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने बताया कि मानसरोवर तक टनकपुर से क्वालदाम होते हुए सर्वे किया जा चुका है. रेलवे का काम भी चल रहा है और हाईवे का निर्माण तेजी से हो रहा है. उन्होंने ओम पर्वत तक छह लेन की सड़क बनाकर मानसरोवर तक पहुंचने की भारत सरकार की योजना का भी जिक्र किया. श्रीमहंत हरिगिरि महाराज ने उम्मीद जताई कि सड़क और हाईवे का निर्माण होने के बाद क्षेत्र में एम्स और विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता भी खुलेगा. उन्होंने कहा कि केदारनाथ और पिथौरागढ़ जिले में एम्स और विश्वविद्यालय स्थापित होने से क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा. विश्वविद्यालय का नाम कैलाश यूनिवर्सिटी या कुछ और रखा जा सकता है.
पहाड़ों से पलायन रोकना भी यात्रा का उद्देश्य
श्रीमहंत हरिगिरि महाराज ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कई जगह आज भी 80 से 100 किलोमीटर तक के इलाके खाली हो रहे हैं. ऐसे में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास जरूरी है. उनके मुताबिक, छड़ी यात्रा चारों धाम, पूर्णागिरि, टनकपुर, पिथौरागढ़, जागेश्वर और पहाड़ के अन्य मंदिरों से होते हुए ओम पर्वत तक जाएगी. इसके बाद यात्रा वापस मां माया देवी मंदिर पहुंचेगी. उन्होंने बताया कि छड़ी यात्रा के दिवाली के आसपास हरिद्वार लौटने की संभावना है. यात्रा के जरिए धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में विकास, एकता और तीर्थाटन को बढ़ावा देने की कामना की जा रही है.
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