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Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज पर करें ये विशेष उपाय, हर मनोकामना होगी पूरी

हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी. यदि आप हरियाली तीज की पूजा का पूरा लाभ चाहती हैं तो भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा प्रदोष काल में ही करें.

Hariyali Teej 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:21 PM IST

श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को सौभाग्य और मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए तीज का त्योहार मनाया जाता है. श्रावण में चारों तरफ हरियाली होती है, इसलिए इस तीज को हरियाली तीज कहा जाता है. इस बार हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी. माना जाता है कि इसी दिन मां पार्वती ने भगवान शिव को अपनी कठोर तपस्या से प्राप्त किया था. वृक्ष, नदियों और जल के देवता वरुण की भी उपासना इस दिन की जाती है. मुख्य रूप से यह त्योहार अच्छे व मनचाहे वर की प्राप्ति का है. अतः जिन कन्याओं का विवाह नहीं हो पा रहा हो उनके लिए इस व्रत तथा पूजा उपासना का विशेष महत्व है. जिन महिलाओं का विवाह हो चुका है, उनको संयुक्त रूप से भगवान शिव और पार्वती की उपासना करनी चाहिए. 

हरियाली तीज पर पूजन के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? 
इस दिन उपवास रखना लाभकारी होता है. अगर व्रत न रख पाएं तो केवल सात्विक आहार ग्रहण करें. साथ ही इस दिन महिलाओं को शृंगार जरूर करना चाहिए. इस दिन मां पार्वती को शृंगार की सामग्री जरूर अर्पित करें. इसके बाद किसी सुहागन महिला को उस शृंगार की सामग्री को उपहार में दे देना चाहिए. इस दिन महिलाओं को काले सफ़ेद या भूरे वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए. हरियाली तीज पर प्रदोष काल में ही पूजा करना उत्तम होता है. 

हरियाली तीज पर शीघ्र विवाह के लिए भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा कैसे करें?
बालिकाएं प्रातः काल स्नान करके उपवास और पूजा का संकल्प लें. इस दिन अधिक से अधिक शिव जी और माता गौरी का ध्यान करें. प्रदोष काल में सम्पूर्ण शृंगार करके शिव जी के मंदिर जाएं. भगवान शिव को पीले वस्त्र और पुष्प अर्पित करें. माता पार्वती को लाल वस्त्र और शृंगार की सामग्री अर्पित करें. इसके बाद शिव जी और माता गौरी के मंत्रों का जप करें. मंदिर में एक घी का दीपक जला दें. शृंगार की सामग्री किसी सुहागन स्त्री को दान कर दें. 

सुखद वैवाहिक जीवन के लिए हरियाली तीज पर कौन सा उपाय करें?
विवाहिता महिलाएं चाहें तो उपवास रखें. सम्पूर्ण शृंगार करें. मेहंदी का प्रयोग जरूर करें. प्रदोष काल में शिव जी के मंदिर जाएं. शिव जी को पीला और मां गौरी को लाल वस्त्र अर्पित करें. मां गौरी को शृंगार की सामग्री भी अर्पित करें. इसके बाद मंदिर में घी का दीपक जलाएं. सुखद वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करें. अर्पित किए गए वस्त्रों में आपस में गांठ लगा लें. इसको अपने पास सुरक्षित रखें. इस दिन विवाहिता महिलाओं को काली शृंगार सामग्री का प्रयोग नहीं करना चाहिए. विवाहिता महिलाओं को काले रंग का प्रयोग करने से वैवाहिक जीवन में समस्या आ सकती है.

 

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