हिंदू धर्म में कार्तिक महीने का विशेष महत्व है. इस महीने में भगवान विष्णु, भगवान शिव और तुलसी की पूजा करने के साथ दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है. मान्यता है कि कार्तिक में रोज दीपक जलाने से घर में सुख-शांति आती है और मन को शांति मिलती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अलग-अलग मुख वाले दीपक जलाने से अलग-अलग मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना की जाती है. लेकिन क्या आपको एक, दो, तीन, चार और छह मुख वाले दीपक का महत्व मालूम है?
हिंदू धर्म में पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु को पांच मुख्य तत्व माना गया है. इनमें अग्नि को पवित्रता और प्रकाश का प्रतीक माना जाता है. दीपक की लौ अंधकार को दूर करने और ज्ञान का संदेश देती है. पूजा के समय दीपक जलाने से मन शांत होता है और ध्यान लगाने में मदद मिलती है. दीपावली जैसे त्योहार में भी दीपक का खास महत्व है.
एक मुखी दीपक है पूजा के लिए शुभ
एक मुखी दीपक सामान्य पूजा और मंत्र जाप के लिए जलाया जाता है. इसमें दो बातियां रखकर एक सिरे को जलाया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक महीने में हर शाम पूजा घर में एक मुखी दीपक जलाना शुभ होता है. इससे भगवान की कृपा पाने के लिए प्रार्थना की जाती है.
दो मुखी दीपक है स्वास्थ्य और लंबी आयु के लिए
दो मुखी दीपक में दो बातियों के दोनों सिरों को जलाया जाता है. मान्यता है कि इस दीपक को भगवान शिव के सामने जलाने से अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना की जाती है. कार्तिक महीने में घी का दीपक जलाकर भगवान शिव से प्रार्थना कर सकते हैं.
तीन मुखी दीपक से होंगी बाधाएं दूर
तीन मुखी दीपक का संबंध शत्रुओं और विरोधियों से जुड़ी परेशानियों को दूर करने की कामना से माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक महीने में हर शनिवार घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का तीन मुखी दीपक जलाकर शांति की प्रार्थना की जाती है.
चार मुखी दीपक है धन और सुख-समृद्धि के लिए
चार मुखी दीपक धन, सुख-समृद्धि और ग्रहों से जुड़ी परेशानियों से राहत की कामना के लिए जलाया जाता है. मान्यता है कि कार्तिक महीने में हर शाम तुलसी के नीचे घी का चार मुखी दीपक जलाना शुभ होता है.
छह मुखी दीपक में मिलेगी संतान की खुशहाली
छह मुखी दीपक में तीन बातियों के छह सिरों को जलाया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, संतान की कामना करने वाले दंपती बुधवार को भगवान गणेश के सामने यह दीपक जलाकर प्रार्थना कर सकते हैं.