Daan Ka Mahatva: सनातन परंपरा में दान को धर्म पालन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने दान के महत्व और उससे जुड़े ज्योतिषीय लाभों के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के चार अंगों में धर्म का पालन सर्वोच्च है. दान करने से न केवल धर्म का पालन होता है, बल्कि जीवन की समस्याओं का समाधान भी मिलता है. दान करने से आयु रक्षा होती है, स्वास्थ्य में सुधार होता है और ग्रहों की पीड़ा से मुक्ति मिलती है.
अन्न, वस्त्र और धातुओं का दान
अन्न का दान जीवन में अन्न के अभाव को समाप्त करता है. रविवार को गेहूं का दान करने से नाम और यश मिलता है, जबकि सोमवार को चावल का दान मानसिक तनाव को दूर करता है. इसी प्रकार, वस्त्रों का दान आर्थिक स्थिरता लाता है. सुंदर और टिकाऊ वस्त्र दान करने से आर्थिक उतार-चढ़ाव से बचा जा सकता है. धातुओं का दान भी विशेष दशाओं में किया जाता है. सोने का दान उच्च पद की प्राप्ति कराता है, जबकि लोहे का दान नौकरी की बाधाओं को दूर करता है.
अन्य प्रकार के दान और उनके लाभ
सेवा, विद्या और अंगों का दान भी महत्वपूर्ण है. बीमारों की सेवा करने से स्वास्थ्य में सुधार होता है. विद्या का दान संतान संबंधी समस्याओं को हल करता है. शरीर के अंगों का दान मृत्यु के बाद मुक्ति दिलाता है. नियमित रक्तदान दुर्घटनाओं और सर्जरी से रक्षा करता है.
दान करने में बरतें ये सावधानियां
प्रदर्शन वाला दान निष्फल होता है. यदि आप दान करते समय फोटो खिंचवाते हैं और सोशल मीडिया पर डालते हैं, तो यह दान का उद्देश्य समाप्त कर देता है. कुंडली के शुभ ग्रहों का दान करना नुकसानदायक हो सकता है.
गर्भावस्था में दान और सावधानियां
गर्भवती महिलाओं को दान करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. गर्भधारण के साथ कमर में काला धागा बांधें, लोहे का छल्ला पहनें और सुगंधित वस्तुओं का प्रयोग बंद करें. हरिवंश पुराण का नियमित पाठ गर्भावस्था को सुखद बनाता है. दान का सही तरीका अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है.