16 जुलाई से शुरू होगी पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा, हो रही भव्य तैयारी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा की शुरुआत 16 जुलाई से शुरू होगी. यह धार्मिक उत्सव 24 जुलाई तक चलेगा. इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी शुभद्रा रथों पर सवार होकर गुंडीचा मंदिर जाते हैं. इस रथयात्रा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं.

Jagannath Rath Yatra 2026
अजय कुमार नाथ
  • पुरी,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:25 PM IST

पुरी में एक तरफ भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की तैयारियां पूरी हो चुकी है तो दूसरी तरफ पुलिस और प्रशासन कड़े सुरक्षा इंतजाम कर रहे हैं. चप्पे-चप्पे की निगरानी के लिए सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है. और अब हर किसी को उस पल का इंतजार है, जब महाप्रभु जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ श्री गुंडिचा मंदिर के लिए रवाना होंगे.

भव्य दिव्य जगन्नाथ रथ यात्रा-
महाप्रभु जगन्नाथ की नगरी पुरी एक बार फिर आस्था और उल्लास के रंग में सराबोर होने वाली है. जगन्नाथ रथ यात्रा के आरंभ से पहले ही देश और विदेश से श्रद्घालुओं ने पुरी नगरी में पहुंचना शुरू कर दिया है. पुरी में मौजूद हर चेहरे पर उत्साह है, क्योंकि जगन्नाथ रथ यात्रा में अब सिर्फ एक दिन का समय बाकी है.

सड़कों पर श्रद्धालुओं का सैलाब-
पुरी की सड़कों पर श्रद्धालुओं का सैलाब लगातार बढ़ता जा रहा है. रेलवे स्टेशन से लेकर एयरपोर्ट पर भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी भक्त महाप्रभु के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. रथों की अंतिम सजावट पूरी कर ली गई है. यात्रा में लाखों लोग शामिल होते हैं. ऐसे में प्रशासन ने भी व्यापक तैयारियां की हैं.

श्री गुंडिचा मंदिर से लेकर श्रीमंदिर तक सजावट-
श्री गुंडिचा मंदिर से लेकर श्रीमंदिर तक पूरे मार्ग को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. हर ओर भक्ति, श्रद्धा और उत्सव का अद्भुत संगम दिखाई दे रहा है. और इस उत्सव का हिस्सा बनने जा रहे लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं है. 

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम-
यात्रा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पूरे रथ मार्ग पर पुलिस और सुरक्षा बल तैनात रहेंगे. ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी. स्वास्थ्य सेवाओं, एंबुलेंस, पेयजल और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके.

अब इंताजार उस ऐतिहासिक क्षण का है, जब विशाल रथों की रस्सियां लाखों श्रद्धालु अपने हाथों से खींचेंगे और जय जगन्नाथ के गगनभेदी जयघोष के बीच महाप्रभु भक्तों के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे.

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