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Laddu Gopal Sthapana Niyam: जन्माष्टमी पर घर में कैसे करें लड्डू गोपाल की स्थापना, क्या है पूजा विधि? यहां जानिए  

Laddu Gopal: श्री कृष्ण जन्माष्टमी इस साल 4 सितंबर को है. इस दिन श्रद्धालु अपने घर में लड्डू गोपाल की स्थापना की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं. यहां आप जान सकते हैं जन्माष्टमी पर कैसे करें लड्डू गोपाल की स्थापना और क्या है पूजा विधि? 

Laddu Gopal
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 03 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:11 PM IST

Janmashtami 2026: श्रद्धालुओं में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने को लेकर उत्साह है. हिंदू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. ऐसे में हर साल इस तिथि और नक्षत्र में श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है. इस साल भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 4 सितंबर को सुबह 2 बजकर 25 मिनट से शुरू होगी, जो 5 सितंबर 2026 को रात 12 बजकर 13 मिनट तक रहेगी. 

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्य रात्रि में में हुआ था. ऐसे में इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी. कई लोग जन्माष्टमी पर अपने घर में भगवान श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की स्थापना कर पूजा-अर्चना करते हैं. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि लड्डू गोपाल की घर में स्थापना करने से भगवान की कृपा सदा बनी रहती है. घर में धन-वैभव आता है और खुशीहाली बनी रहती हैं. यहां आप जान सकते हैं जन्माष्टमी पर कैसे करें लड्डू गोपाल की स्थापना और क्या है पूजा विधि? 

कैसे करें मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा और किस दिशा में स्थापित करें मूर्ति 
लड्डू गोपाल की सिर्फ मूर्ति खरीदना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्राण प्रतिष्ठा और मूर्ति किस दिशा में स्थापित करना है इसका भी ध्यान रखा चाहिए. लड्डू गोपाल की मूर्ति स्थापना के समय जल, पंचामृत, अक्षत, फूल, तुलसीदल, धूप-दीप के साथ विधि पूर्वक पूजन कर प्राण प्रतिष्ठा करनी चाहिए. वास्तु शास्त्र के नियम के मुताबिक जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल की मूर्ति को पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करना शुभ माना जाता है. लड्डू गोपाल की पूजा करने वाले भक्त का मुंह पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए. घर में लड्डू गोपाल की स्थापना के लिए सबसे पहले उनका स्नान और अभिषेक करना चाहिए. इसके बाद उन्हें पीले रंग के नए वस्त्र और आभूषण पहनाएं. लड्डू गोपाल को मोरपंख, बांसुरी, कमरबंद, कंगन और वैजयंती माला पहनाएं. माथे पर चंदन, केसर और अक्षत का तिलक लगाएं. इसके बाद निशीथ काल यानी मध्यरात्रि के समय शुभ मुहूर्त में लड्डू गोपाल को सिंहासन या झूले पर श्रद्धापूर्वक झुलाना चाहिए. 

लड्डू गोपाल को इन चीजों का जरूर लगाएं भोग
लड्डू गोपाल को माखन और मिश्री बहुत प्रिय है. ऐसे में इनका भोग जरूर लगाना चाहिए. भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी अत्यंत प्रिय है, ऐसे में कान्हा के भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें. जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल की पूजा के दौरान पंचामृत अभिषेक कराना चाहिए. जन्माष्टमी पर निशीथ काल के मुहूर्त में लड्डू गोपाल को दूध, दही, घी, शक्कर और जल से तैयार किए गए पंचामृत से अभिषेक करें. लड्डू गोपाल को अभिषेक के बाद गंगाजल से स्नान कराना चाहिए. गंगाजल से स्नान कराने के लिए दक्षिणावर्ती शंख का प्रयोग करना शुभ होता है. 

जन्माष्टमी के दिन ऐसे करें पूजा 

  • सबसे पहले श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर सुबह उठाकर स्नान करें और साफ-सुथरा वस्त्र धारण करें. 
  • चौकी पर लड्डू गोपाल की मूर्ति को पीले कपड़े पर स्थापित करें. 
  • पवित्र जल से स्वयं और भगवान पर छिड़काव करें और प्रभु का ध्यान करते हुए पूजा आरंभ करें. 
  • लड्डू गोपाल का पंचामृत और शुद्ध जल से अभिषेक करें. 
  • साफ कपड़े से मूर्ति को पोंछकर वस्त्र और आभूषण पहनाएं. 
  • फिर पुष्प-माला, दूर्वा, नैवेद्य, फल, पान-सुपारी आदि अर्पित करें. 
  • लड्डू गोपाल को मौसमी फल, मिष्ठान, माखन-मिश्री, खीर आदि का भोग लगाएं. 
  • पूजा करने के बाद आरती और भजन जरूर करें. 
  • लड्डू गोलाप की मूर्ति को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए. 

 

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