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Baba Khatu Shyam Janmotsav: रोशनी, फूलों और जयकारों से सज रही श्याम नगरी, बाबा श्याम जन्मोत्सव की भव्य तैयारी

बाबा खाटू श्याम का जन्मोत्सव की भव्य तैयारी चल रही है. एक नवंबर को जन्मोत्सव मनाया जाएगा. इस मौके पर 10 लाख भक्तों के आने का अनुमान है. 20 कारीगर मंदिर को सजाने में लगे हैं.

Baba Khatu Shyam
रिदम जैन
  • सीकर,
  • 31 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 11:53 AM IST

राजस्थान के सीकर जिले की खाटू नगरी एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर है. विश्व प्रसिद्ध बाबा खाटू श्याम जी का जन्मोत्सव एक नवंबर को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा. इस अवसर पर देश-विदेश से 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है. शुक्रवार से ही भक्तों का आगमन शुरू हो जाएगा और पूरा नगर “श्याम नाम” की गूंज से गुंजायमान रहेगा. श्री श्याम मंदिर कमेटी, प्रशासन, पुलिस और नगरपालिका की टीमें पिछले एक सप्ताह से तैयारियों में जुटी हुई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.

भक्तों की भीड़ से निपटने की व्यवस्था-
रींगस की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रींगस रोड से पुराना बिजली ग्रिड, खटीकान मोहल्ला, केरपुरा तिराहा और चारण मैदान तक पहुंचने की व्यवस्था की गई है. भीड़ बढ़ने पर जिगजैग व्यवस्था शुरू की जाएगी. प्रशासन ने इस बार दांतारामगढ़ मार्ग से आने वाले भक्तों के लिए नया मार्ग भी बनाया है, जो रूलाणिया कृषि फार्म से होकर लखदातार मैदान तक जाएगा. यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है.

मंदिर कमेटी की तरफ से भव्य तैयारी-
मंदिर कमेटी की ओर से इस बार की तैयारियां पहले से अधिक भव्य हैं. दर्शन मार्ग पर 1500 टीनशैड लगाए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को धूप या बारिश से राहत मिलेगी. लाइटिंग के लिए 10 बड़े-छोटे जनरेटर लगाए जा रहे हैं. दो अस्थाई जिगजैग मार्गों में 20 हजार बांस-बल्ली लगाई जा रही है. करीब 100 मजदूर चौबीसों घंटे काम में लगे हुए हैं. इसके साथ ही अस्थाई सुलभ शौचालय, पेयजल की व्यवस्था, पानी के पाउच और यात्रियों के लिए छांव की भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है.

6 जगहों पर मेडिकल कैंप-
लखदातार मैदान सहित छह स्थानों पर मेडिकल कैम्प लगाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके. सफाई व्यवस्था के लिए 250 सफाई कर्मचारी दो पारियों में कार्य करेंगे, दिन में 150 और रात में 100 कर्मचारी सेवा देंगे. प्रशासन ने मेले की सुरक्षा के लिए 2500 का जाप्ता मांगा है, जिसमें 3 एडिशनल एसपी, 20 डीएसपी, 30 इंस्पेक्टर, 80 सब-इंस्पेक्टर, 160 हेड कांस्टेबल, 70 यातायात पुलिसकर्मी और महिला पुलिसकर्मी शामिल होंगे. सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए दो ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जाएगी.

20 कारीगर सजा रहे बाबा श्याम का दरबार-
खाटू श्याम मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है. बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लगभग 20 कारीगर कृत्रिम और रंग-बिरंगे फूलों से बाबा श्याम के दरबार को सजा रहे हैं. इस बार बाबा श्याम का श्रृंगार अद्वितीय और मनमोहक रूप में किया जाएगा. पूरा मंदिर परिसर फूलों की सुगंध, रोशनी और भक्ति संगीत से महकेगा. भक्तों के स्वागत के लिए जगह-जगह स्वयंसेवक तैनात रहेंगे. श्री श्याम मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आतिशबाजी न करें, इत्र या फूल न फेंकें और श्रद्धा के साथ शांतिपूर्वक दर्शन करें.

बाबा श्याम का संक्षिप्त इतिहास-
बाबा खाटू श्याम जी, महाभारत काल के महान योद्धा बार्बरीक का ही रूप हैं. वे भीम और नागकन्या अहिलावती के पुत्र थे. भगवान शिव से उन्हें तीन अमोघ बाणों का वरदान प्राप्त था. महाभारत युद्ध में जब वे युद्ध करने जा रहे थे, तब श्रीकृष्ण ने उनकी परीक्षा ली. बर्बरीक ने कहा कि वे हमेशा हारने वाले पक्ष की ओर से लड़ेंगे. यह सुनकर श्रीकृष्ण ने उनसे दान में उनका शीश मांगा और बार्बरीक ने बिना हिचकिचाए अपना सिर अर्पित कर दिया. श्रीकृष्ण ने आशीर्वाद दिया कि कलियुग में वे “श्याम” नाम से पूजे जाएंगे और उनके नाम का स्मरण करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी. उनका शीश खाटू नगरी में स्थापित किया गया, जो आज खाटू श्याम धाम के नाम से प्रसिद्ध है.

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