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Chaitra Navratri 2023: चैत्र नवरात्रि के दिन नौका पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, हर घर में होंगी विराजमान, जानें सवारी का महत्व और संकेत 

नवरात्रि में हर साल मां दुर्गा अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं. हर एक वाहन अपने साथ कोई न कोई संकेत लेकर आता है. इस बार मां नौका पर सवार होकर आ रहीं हैं. आइए इस वाहन से मिलने वाले संकेत और महत्व के बारे में जानते हैं.

मां दुर्गा.
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 19 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 4:03 PM IST
  • 22 मार्च 2023 को घर-घर पधारेंगी मां दुर्गा
  • इस बार मां दुर्गा का आना और जाना दोनों ही शुभ स्थिति में हो रहा

चैत्र नवरात्रि को मानने के लिए हर घर में तैयारी जोर-शोर से की जा रही है. इस बार चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 22 मार्च 2023 दिन बुधवार से हो रहा है. हर नवरात्रि में जहां भक्त मां के आने का इंतजार करते हैं तो वहीं इस बात का भी इंतजार करते हैं कि मां कौन से वाहन पर सवार होकर आएंगी. आइए जानते हैं इस बार मां दुर्गा कौन से वाहन पर सवार होकर आ रही हैं और इस वाहन का महत्व क्या है. 

भक्तों के सभी कार्य होंगे सफल
हर नवरात्रि में मां दुर्गा अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर धरती पर आती हैं, जिसका अलग-अलग अर्थ और संकेत होता है. इस बार चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा नाव पर सवार होकर आ रही हैं. ज्योतिषों के मुताबिक इस साल माता रानी का आना और जाना दोनों ही शुभ स्थिति में होने जा रहा है.नौका पर माता इस बात का संकेत लेकर आती हैं कि सर्व काम में सिद्धि प्राप्त होगी और बाधा नहीं सताएगी. यानी कि इस बार मां के भक्तों के सभी काम बनेंगे. जहां मां का आगमन बुधवार के दिन है तो वहीं मां का प्रस्थान गुरुवार के दिन है. बुधवार के दिन नौका पर आती माता बुद्धि, विवेक, चातुर्य और मानसिक बल को दर्शाएंगी.

इस तरह तय होता है माता का वाहन
विद्वानों के अनुसार जब मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं तो ज्यादा बारिश होती है. घोड़े पर सवार होकर मां दुर्गा आती हैं तो युद्ध के हालात बनते हैं. नौका पर सवार होकर माता रानी आती हैं तो यह शुभ फलदायी होता है. यदि मां दुर्गा डोली पर सवार होकर आती हैं तो महामारी का अंदेशा होता है.

विदाई के वाहन भी अलग
मां दुर्गा की विदाई भी अलग-अलग वाहन से होती है. रविवार या सोमवार को मां दुर्गा भैंसे की सवारी से प्रस्थान करती हैं. इससे देश में रोग और कष्ट बढ़ता है. शनिवार या मंगलवार को मां मुर्गे पर सवार होकर जाती हैं. जिससे जनता में दुख और कष्ठ बढ़ता है. बुधवार और शुक्रवार में माता रानी हाथी पर सवार होकर प्रस्थान करती हैं. इससे बारिश अधिक होती है. गुरुवार को मां दुर्गा मनुष्य की सवारी से जाती हैं. इसका अर्थ है कि सुख-शांति बनी रहेगी.


 

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