Magh Gupt Navratri 2023: सिद्धि योग में शुरू होगी गुप्त नवरात्रि, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

गुप्‍त नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. माघ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ माघ शुक्ल प्रतिपदा से होता है. इस साल की पहली गुप्‍त नवरात्रि 22 जनवरी से शुरू हो रही है, जो 30 जनवरी 2023 तक चलेगी. 

मां दुर्गा की करें पूजा.
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 20 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 7:18 AM IST
  • नवरात्रि का हिन्दू धर्म में है विशेष महत्व 
  • साल में चार नवरात्रि दो गुप्त और दो प्रकट नवरात्रि होती है

नवरात्रि का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व होता है. साल में चार नवरात्रि दो गुप्त और दो प्रकट नवरात्रि होती है. माघ महीने में पड़ने वाली नवरात्रि गुप्त साधना और विद्याओं की सिद्धि के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस साल 22 जनवरी दिन रविवार से गुप्त नवरात्रि शुरू हो रही है. माघ गुप्त नवरात्रि का प्रारंभ माघ शुक्ल प्रतिपदा से हो रहा है, जो नवमीं तिथि (30 जनवरी तक) रहेगी. 

22 जनवरी 2023 को माघ गुप्त नवरात्रि का प्रारंभ सिद्धि योग में होगा. इस दिन सुबह 10:06 बजे तक वज्र योग है और उसके बाद से सिद्धि योग है, जो अगले दिन सुबह 05:41 बजे तक है. कलश स्थापना सिद्धि योग में की जाएगी. आमतौर पर गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक क्रियाएं होती हैं. माता को प्रसन्न करने के लिए आम श्रद्धालु भी गुप्त नवरात्रि में पूजा-पाठ करते हैं.

कलश स्थापना का मुहूर्त
माघ गुप्त नवरात्रि का पहला दिन 22 जनवरी को है और इसी दिन कलश स्थापना की जाएगी. इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:11 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक है. इसी बीच कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है.

किस दिन किनकी करें पूजा
22 जनवरी: शैलपुत्री पूजा
23 जनवरी: ब्रह्मचारिणी पूजा
24 जनवरी: चंद्रघंटा पूजा
25 जनवरी: कूष्माण्डा पूजा
26 जनवरी: स्कंदमाता पूजा
27 जनवरी: कात्यायनी पूजा
28 जनवरी: कालरात्रि पूजा
29 जनवरी: दुर्गा अष्टमी, महागौरी पूजा
30 जनवरी: सिद्धिदात्री पूजा

ऐसे करें गुप्त नवरात्रि की पूजा
सबसे पहले गुप्त नवरात्रि में कलश की स्थापना की जाती है. कलश की स्थापना के साथ दोनों समय दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ जरूर करना चाहिए. गुप्त नवरात्रि में माता को लौंग और बताशे का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है. मां दुर्गा को लाल फूल और चुनरी अर्पित करें.

शनि का शुभ संयोग 
30 साल बाद गुप्‍त नवरात्रि के समय शनि अपनी राशि कुंभ में हैं. इसके अलावा 22 जनवरी को गुप्‍त नवरात्रि के पहले दिन शुक्र भी कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं. इस तरह कुंभ राशि में शनि और शुक्र की युति होगी, जो कि पूरी गुप्‍त नवरात्रि के दौरान रहेगी. शनि और शुक्र में दोस्‍ती का भाव है. ऐसे में गुप्‍त नवरात्रि के दौरान शनि और शुक्र की युति बेहद शुभ फल देगी. 


 

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