महादेव के भक्त हर साल महाशिवरात्रि को आने का इंतजार बेसब्री से करते हैं. इस दिन भगवान शंकर और मां पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है. फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है. इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी को है.
महाशिवरात्रि के लिए सभी शिव मंदिर सज-धजकर तैयार हैं. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि का व्रत यदि कुंवारी कन्या रखती है तो उसे मनचाहा वर मिलता है. सुहागिन महिलाएं दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए महाशिवरात्रि का व्रत रखती हैं. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक महाशिवरात्रि के दिन ही मां पार्वती और भगवान शिव शंकर का विवाह हुआ था. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि के दिन करियर से लेकर बिजनेस तक में तरक्की के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं?
महाशिवरात्रि के दिन क्या करें
1. महाशिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सूथरे वस्त्र धारण करें.
2. इसके बाद महाशिवरात्रि का व्रत रखें.
3. वैसे लोग जो व्रत नहीं रख रहे हैं, वे सात्त्विक आहार ग्रहण करें.
4. शिवलिंग का अभिषेक जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से करें.
5. बेलपत्र, धतूरा, भस्म और आक भगवान शिव को अर्पित करें.
6. महाशिवरात्रि की रात के चार प्रहरों में शिव आराधना करें. ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें.
महाशिवरात्रि के दिन क्या नहीं करें
1. महाशिवरात्रि के दिन महादेव को केतकी का फूल अर्पित न करें. पौराणिक कथा के मुताबिक भोलेनाथ ने केतकी के फूल को अपनी पूजा से वर्जित कर दिया था.
2. महाशिवरात्रि की पूजा के समय शंख न बजाएं. शंख से जल अर्पित भी नहीं करें.
3. मान्यता है कि महादेव ने शंखचूड़ राक्षस का वध किया था, इसलिए शिव पूजा में शंख का प्रयोग नहीं किया जाता.
4. महाशिवरात्रि की पूजा के समय महादेव को टूटे हुए अक्षत न चढ़ाएं. इस दिन साबुत चावल का ही उपयोग करें.
5. महाशिवरात्रि के दिन मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन न करें.
6. महाशिवरात्रि की पूजा के दौरान काले रंग के कपड़े न पहनें.
करियर और बिजनेस में तरक्की के लिए करें ये उपाय
महाशिवरात्रि के दिन करियर और बिजनेस में तरक्की के लिए विशेष उपाय करने चाहिए. महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं. महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को धतूरा चढ़ाने से व्यापार में तरक्की के योग बनते हैं. महाशिवरात्रि की रात शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर एक धतूरा जरूर अर्पित करें. ऐसा करने के बाद शिव मंदिर के बाहर आधे घंटे तक इंतजार करें. इस दौरान श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का जाप करते रहें. यदि घर या व्यापार स्थान पर लक्ष्मी का वास नहीं हो रहा है तो आधे घंटे बाद उस धतूरे को उठाकर लाल कपड़े में बांध लें. इसके बाद उसे अपनी दुकान या व्यवसाय स्थल पर सुरक्षित स्थान पर बांध दें. ऐसा करने से व्यापार में लाभ के योग बनने लगते हैं.