हिंदू धर्म में मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का पर्व विशेष महत्व रखता है. सूर्य भगवान जब धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है. इस साल मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस दिन स्नान-दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. गंगा नदी में स्नान करने से हजार यज्ञों के बराबर फल मिलता है. मकर संक्रांति पर हजारों श्रद्धालु प्रयागराज और काशी में आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंचते हैं. इसके अलावा कई अन्य जगहों पर जाकर भी पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान करते हैं.
1. प्रयागराज
उत्तर प्रदेश स्थित प्रयागराज को तीर्थराज कहा जाता है. यहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम है. यहां पर स्नान करना बहुत ही शुभ माना जाता है. प्रयागराज में हर साल मकर संक्रांति पर स्नान करने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसी धार्मिक मान्यता है यहां स्नान करने से सभी पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति होती है. यहां पर स्नान करने के बाद दान-पूण्य और साधु-संतों का प्रवचन सुनने से काफी लाभ मिलता है. अभी प्रयागराज में माघ मेला लगा हुआ है. इसमें मिनी कुंभ कहा जाता है. ऐसे में यहां मकर संक्रांति पर स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी.
2. काशी
महादेव की नगरी काशी को मोक्ष का द्वार माना जाता है. यहां पर सालों भर श्रद्धालुओं का तांता गंगा स्नान और काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए लगा रहता है लेकिन मकर संक्रांति पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं की और भीड़ जुट जाती है. ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति पर दशाश्वमेध और अस्सी घाट पर गंगा स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. सभी पापों का नाश हो जाता है. जीवन और मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिल जाती है. बनारस में गंगा नदी में स्नान करने के बाद श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर में जाकर भोलेनाथ का दर्शन करते हैं.
3. हरिद्वार
उत्तराखंड स्थित हरिद्वार को देवभूमि कहा जाता है. यहीं पर गंगा पहाड़ों से उतरकर मैदान में प्रवेश करती हैं. हरिद्वार स्थिति हर की पौड़ी पर श्रद्धालु पूरे साल गंगा स्नान करने के लिए आते हैं लेकिन मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि मकर संक्रांति पर हर की पौड़ी में स्नान करने से पूर्व जन्मों के सभी दोष समाप्त हो जाते हैं. आप मकर संक्रांति पर हरिद्वार स्नान करने के लिए जा सकते हैं.
4. ऋषिकेश
उत्तराखंड स्थित ऋषिकेश को योग और तप की भूमि कहा जाता है. यहां भी मकर संक्रांति पर स्नान करने का विशेष महत्व होता है. यहां मकर संक्रांति पर योगी और साधक गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं.
5. देवप्रयाग
उत्तराखंड स्थित देवप्रयाग का भी विशेष धार्मिक महत्व है. यहीं पर अलकनंदा और भागीरथी मिलकर गंगा बनती हैं. यहां पर मकर संक्रांति पर स्नान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. यह इलाका बहुत ही शांत है. यहां पर आप स्नान करने के बाद योग और ध्यान लगा सकते हैं.
6. गंगासागर
पश्चिम बंगाल स्थित गंगासागर में मकर संक्रांति पर मेला लगता है. इस मेले का आयोजन हुगली नदी के संगम पर होता है. गंगासागर में गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्नान और दान-पुण्य करने का पौराणिक महत्व है. मकर संक्रांति के मौके पर आप यहां जाकर स्नान कर सकते हैं. यहां पर हर साल मकर संक्रांति पर साधु-संतों के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंचते हैं.
7. यहां भी लगा सकते हैं आस्था की डुबकी
मकर संक्रांति पर आप सिर्फ गंगा नदी में ही नहीं बल्कि अन्य पवित्र नदियों में भी स्नान कर सकते हैं. आप मकर संक्रांति पर नर्मदा नदी में स्नान कर सकते हैं. आप गोदावरी नदी में स्नान कर सकते हैं. इन नदियों में भी स्नान करने से श्रद्धालुओं को काफी लाभ मिलता है.