हिंदू धर्म में अमावस्या (Amavasya) को पवित्र दिन माना जाता है. वैसे तो हर माह एक अमावस्या आती है लेकिन माघ माह की अमावस्या बहुत ही शुभ और लाभकारी मानी जाती है. इसे मौनी अमावस्या और माघी अमावस्या के नाम से जाना जाता है. मौनी अमावस्या के दिन चंद्रमा आसमान में दिखाई नहीं देता है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन गंगा नदी का जल अमृत के समान पुण्यदायक होता है.
इस दिन गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान करने और इसके बाद दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है. जीवन से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. इस दिन प्रयागराज में त्रिवेणी संगम तट, काशी में गंगा नदी और हरिद्वार में आस्था की डुबकी लगाने के लिए लाखों श्रद्धालु जुटते हैं. श्रद्धालु मौनी अमावस्या के दिन भगवान विष्णु, महादवे, सूर्यदेव और मां गंगा की आराधना करते हैं. इसकी के साथ अपने पूर्वजों की कृपा पाने के लिए विशेष उपाय करते हैं. ऐसी मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर मौन रहकर की जाने वाली साधना जल्दी सफल होती है. आइए जानते हैं इस साल 18 या 19 जनवरी, कब है मौनी अमावस्या और इस दिन कौन-कौन से उपाय करने से पितृदोष दूर होते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा सालों भर बनी रहती है?
कब है मौनी अमावस्या
वैदिक पंचांग के मुताबिक इस साल माघ महीने की अमावस्या की शुरुआत 18 जनवरी दिन रविवार को दोपहर 12:03 बजे से होगी और इसका समापन 19 जनवरी दिन सोमवार को दोपहर 1:21 बजे होगा. अमावस्या तिथि रात से तय होती है. ऐसे में 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या मनाई जाएगी. 18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 05:27 से सुबह 07:15 तक रहेगा.
मौनी अमावस्या पर क्या करें
1. मौनी अमावस्या के दिन सूर्योदय से पहले किसी गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए. यदि नदी नहीं जा सकते तो घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें.
2. मौनी अमावस्या के दिन कम से कम सवा घंटे या संभव हो तो पूरे दिन मौन व्रत रखें.
3. मौनी अमावस्या के दिन दान का विशेष महत्व है. इस दिन तिल, गुड़, घी, गर्म कपड़े और अन्न का दान जरूरतमंदों को करें.
4. मौनी अमावस्या के दिन पूर्वजों की शांति के लिए बहुत उत्तम माना जाता है. ऐसे में इस दिन उनका तर्पण कर सकते हैं.
5. भगवद गीता पढ़ें, हवन और गायत्री मंत्र का जाप करें. इस दिन कालसर्प दोष पूजा भी करा सकते हैं.
6. मौनी अमावस्या के दिन कौवे, कुत्ते, चींटियों और गाय को भोजन खिलाएं.
मौनी अमावस्या के दिन करें ये महाउपाय
1. मौनी अमावस्या के दिन गंगा नदी में स्नान और मौन व्रत करने से विशेष लाभ मिलता है.
2. ऐसी धार्मिक मान्यता है मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर ध्यान लगाने से मन संतुलित रहता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. मौन व्रत करने से व्यक्ति को वाणी से संबंधित दोष नहीं होता है.
3. मौनी अमावस्या का दिन पितरों की पूजा के लिए बहुत ही अच्छा होता है. इस दिन पितरों की शांति और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण करना है.
4. मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज के संगम तट पर स्नान करने के बाद गंगाजल के साथ कुश और काले तिल मिलाकर पितरों का तर्पण करना चाहिए.
5. पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए पितृसूक्त या पितृकवच का पाठ करना चाहिए. शाम को घर के दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का चौमुखा दीया जलाना चाहिए.
6. मौनी अमावस्या की शाम को तुलसी जी के पास शुद्ध घी का दीपक जलाएं और उसकी परिक्रमा करके सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना करें.
7. तुलसी जी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है. तुलसी जी की आराधना करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी.
8. मौनी अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा जरूर करें. पीपल के पेड़ पर दूध मिला जल अर्पित करने के साथ दीपदान और परिक्रमा करें.
9. मौनी अमावस्या के दिन अपने सामर्थ्य के मुताबिक दान-पूण्य जरूर करें. इस दिन गुप्त दान करें. दिव्यांग लोगों को काले कंबल, जूते, उड़द की दाल आदि का दान करें.
10. मौनी अमावस्या के दिन माता लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी होती है. ऐसे में धन-धान्य की कामना करने वाले व्यक्ति को अमावस्या के दिन घर की साफ-सफाई करने के बाद मां लक्ष्मी की जरूर पूजा करनी चाहिए.